बंदी सुमित के फरार होने के मामले में जेल के कई अफसरों पर गाज गिर सकती है। डीआईजी जेल ने अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है। सूत्रों के मुताबिक डीआईजी की जांच में बंदी के फरार होने के मामले में जेल अफसरों की लापरवाही भी सामने आई है।
विचाराधीन बंदी सुमित 12 मई की रात करीब पौने आठ बजे जिला कारागार से रस्सी के सहारे दीवार कूदकर फरार हो गया था। जबकि कुख्यात अपराधी देवकी नंदन उर्फ चंदन सिंह असफल रहा था। इस मामले में दो बंदी रक्षक सस्पेंड किए जा चुके हैं। घटना के बाद डीआईजी जेल शशि श्रीवास्तव ने दो दिन जिला जेल में रहकर गहराई से छानबीन की थी। इस दौरान डीआईजी ने बंदियों, कैदियों, बंदी रक्षकों, डिप्टी जेलर, जेलर और जेल अधीक्षक से पूछताछ की थी। मौका मुआयना भी किया था। डीआईजी की जांच में बंदी रक्षकों के साथ कई अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। हालांकि जेल अधिकारी व कर्मचारी खुद की गर्दन बचाने के लिए एक दूसरे की गलती बताते रहे। सूत्रों के अनुसार डीआईजी जेल की छानबीन में कई अफसरों की लापवाही उजागर हुई है। जांच रिपोर्ट में लापरवाह अफसरों व कर्मचारियों के नाम भी खोले गए हैं। इससे लापरवाह अफसरों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है।
जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। आगे का निर्णय शासन को लेना है। - शशि श्रीवास्तव, डीआईजी जेल