पिंटू के पकड़े जाने पर खुल सकता है दो छात्रों की मौत का राज
दातागंज (बदायूं)। कोतवाली क्षेत्र के गांव नौनी टिकन्ना निवासी छात्रों हिमांशु और अमित गिरि की नगला शर्की रेलवे ट्रैक पर मिली लाशों के मामले में पुलिस अब तक पर्दा नहीं उठा सकी है। दोनों छात्रों की लाश मिलने के ठीक आठ दिन बाद अमित गिरि के भाई दुष्यंत को मोबाइल पर जान से मारने की धमकी मिली थी। इस मामले में पुलिस ने उस व्यक्ति को पकड़ लिया, जिसके मोबाइल से कॉल आई थी। उससे पूछताछ में जो बात सामने आई है उसके अनुसार वह व्यक्ति अपनी शादी के टूटने को मौसेरे भाई के बेटे दुष्यंत को जिम्मेदार मानता है। अब पुलिस उसको तलाश रही है। तभी सबकुछ सामने आ सकता है।
दातागंज-बदायूं रोड स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर नौनी निवासी हिमांशु पुत्र वेदपाल और अमित गिरि पुत्र बबलू गिरि की लाश 13 अक्तूबर को मिली थी। थाना सिविल लाइन पुलिस इसे आज भी हादसा मान रही है सो उसने किसी तरह की रिपोर्ट भी नहीं लिखी। इस घटना के आठ दिन बाद ही मृतक छात्र अमित गिरि के भाई दुष्यंत को मोबाइल पर इसी तरह का हश्र भुगतने की धमकी मिली थी। दुष्यंत के परिजनों ने कोतवाली पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने जिस मोबाइल नंबर से धमकी मिली थी उसे सर्विलांस पर लगाया। इस मोबाइल नंबर की आईडी थाना रजपुरा क्षेत्र के गांव वेदकरनपुर निवासी राजू गिरि की निकली। पुलिस ने राजू गिरि को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में राजू ने पुलिस को बताया कि उसका मोबाइल काफी दिनों से थाना हजरतपुर क्षेत्र के गांव बमनपुरा निवासी पिंटू के पास है। वह बबलू गिरि का मौसेरा भाई है। राजू गिरि ने पुलिस को बताया था कि पिंटू की शादी पीलीभीत क्षेत्र से तय हुई थी जो कुछ समय बाद टूट गई। वह शादी के टूटने को दुष्यंत को जिम्मेदार मानता है। राजू गिरि के बताने के बाद पुलिस ने पिंटू का घर पर दबिश दी, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ सका। वह अब भी घर से फरार चल रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है पिंटू का पकड़े जाने के बाद पूरे घटनाक्रम से भी पर्दा उठ सकता है।
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आज भी दोनों के परिजन हैं दहशत में
दातागंज। चूंकि हिमांशु और अमित गिरि के परिजनों की किसी से कोई रंजिश भी नहीं थी। दोनों छात्रों के रहस्यमय तरीके से बदायूं तक चले जाने और रेलवे ट्रैक पर लाश मिलने से परिजनों को सोचने को मजबूर कर दिया। घटना का खुलासा नहीं होने की वजह से दोनों के परिजन दहशत में हैं।