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गंगाघाट से एक और किशोर गायब

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उझानी (बदायूं)।
पितृपक्ष पूर्णिमा पर कछला में गंगा स्नान के दौरान बही एटा की सोनवती का बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी सुराग नहीं लग पाया। घरवालों की मौजूदगी में गोताखोरों ने उसकी तलाश में कादरचौक की ओर करीब आठ किलोमीटर दूर तक खोजबीन की। इस बीच, सुबह एटा के जलसेर से श्यामलाल कछला पहुंचा। उसने पुलिस को बताया कि गंगा में नहाते समय उसका 15 साल का बेटा गौरव वर्मा का कोई पता नहीं है। वह पूर्णिमा की पूर्व संध्या को गंगाघाट पर पहुंचा था। घरवालों ने उसकी भी आसपास इलाके में तलाश शुरू कर दी है।
एटा जिले में जलेसर थाना क्षेत्र के गांव महावीरगंज निवासी श्यामलाल ने कछला चौकी पुलिस को गायब 15 वर्षीय बेटे गौरव वर्मा के बारे में अवगत कराया। बकौल श्यामलाल उसका पुत्र पितृपक्ष पूर्णिमा से एक दिन पहले मूर्ति विसर्जन के लिए दोस्तों के साथ आया था, लेकिन अगले दिन गंगा स्नान करने की कहकर रुक गया। गौरव नहाते समय बह गया या फिर भीड़ में गुम हो गया, यह तो घरवालों को भी पता नहीं हैै। उनका कहना है कि घाट पर कुछ लोगों ने गौरव का फोटो देखकर बताया है कि इस शक्ल के किशोर को गंगा में नहाते हुए देखा था। गौरव की तलाश में घरवालों ने बृहस्पतिवार सुबह गंगा किनारे खोजबीन की।
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इसके अलावा बुधवार सुबह अपनी मां मिथलेश के साथ नहाते समय गंगा में बही 19 वर्षीय सोनवती की तलाश में पंखियानगला के छह गोताखोरों को घरवालों ने निजी खर्चे पर लगाया। नाव के जरिए गोताखोर कादरचौक की ओर करीब आठ किलोमीटर तक गए, लेकिन सोनवती का सुराग नहीं लगा। रामगोपाल ने बताया कि पुलिस और प्रशासन से उन्हें कोई खास सहयोग नहीं मिला है। बता दें कि हादसे के दौरान कासगंज जिले वाले छोर पर गोताखोरों और पुलिस कर्मियों की मौजूदगी नहीं थी।
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गहराई वाले स्थानों पर नहीं लगे थे खतरे के निशान
उझानी। गंगा में जलस्तर और उसके तेज बहाव के बावजूद पुलिस और नगर पंचायत प्रशासन ने पितृपक्ष पूर्णिमा से एक दिन पहले ऐसा कोई कदम उठाया जिससे श्रद्धालुओं को यह पता लगता कि गंगा में नहाते समय आगे बढ़ने पर खतरा है। इसके लिए नगर पंचायत प्रशासन पूर्णिमा वाले दिन और विशेष स्नान पर्वों पर गंगा में बल्लियां गड़वाकर उनके ऊपर लाल झंडी लगवाता था। जिम्मेदारी पुलिस की भी बनती है कि वह घाटों पर अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात करके श्रद्धालुओं को खतरे से बचाए।
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