अमर उजाला ब्यूरो
दातागंज। हाईवे पर शराब की दुकानों को बंद कराकर 500 मीटर के दायरे में खुलवाने के निर्देश को शराब व्यवसाइयों ने अपने फायदे का हथियार बना लिया है। कागजों में दुकाने नहीं खुली दर्शाकर जहां शासन को मोटा आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं, वहीं दो नंबर में इन्हीं स्थानों पर दुकानें चलाकर मोटा लाभ कमा रहे हैं।
कोर्ट के आदेश पर शासन ने हाईवे पर लगी शराब की दुकानों को बंद कर दिया था। निर्देश दिए थे कि हटी दुकानों को हाईवे से 500 मीटर की दूरी पर खोला जाए। इसके पीछे सोच थी कि रात के समय हाईवे पर निकलने वाले वाहनों के चालक और अन्य लोग दुकानों पर शराब पीते हैं। इसके बाद दुर्घटनाएं होती हैं। तहसील दातागंज क्षेत्र के अंतर्गत फर्रुखाबाद-मुरादाबाद हाईवे पर अलापुर और उसावां क्षेत्र की दो दुकानों को हटाया गया। अलापुर की दुकान भसरौला रोड पर और उसावां की दुकान अकबरपुर रोड पर खोली गई है। ऐसे ही हाईवे पर चल रहीं अन्य दुकानों को बंद कर अन्य स्थानों पर खोला गया है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि कागजों में नयी दुकानों को खुला होना नहीं दर्शाया जा रहा है। जबकि हाईवे की बंद दुकानों का माल दूसरी खुली दुकानों पर बेचा जा रहा है।
सूत्रों ने बताया कि पिछले दिनों शासन के निर्देश पर लखनऊ से एक टीम नयी दुकानों के सत्यापन को बदायूं आई थी, लेकिन शराब व्यवसाइयों ने इस टीम से भी अपनी सेंटिंग बैठा ली। लोग कहते हैं कि दुकानों वाले अपना निर्धारित कोटा नहीं उठा पा रहे हैं। उसकी वजह है कि जब उनका सही काम चल रहा है तो क्यों कोटा उठाएं।
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नकली पर सबका ध्यान..इस पर क्यों नहीं
दातागंज। अक्सर देखा जाता है कि पुलिस और आबकारी महकमा नकली शराब के कारोबार पर नजर रखता है। हाईवे से हटी दुकानों के बाद जो दुकानें खुली हैं उन पर काफी खेल हो रहा है। यह सब दुकानें नंबर दो में चल रहीं हैं। जो माल बिक रहा है वह हटी दुकानों का ही है। लोगों का कहना है कि यदि आबकारी महकमा सही तरह से जांच पड़ताल करें तो बहुत कुछ सामने आ जाएगा।
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निर्धारित से ज्यादा चल रहीं हैं क्षेत्र में दुकानें
दातागंज। इलाके में निर्धारित से ज्यादा दुकानें चल रहीं हैं इस पर भी विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। यदि प्रशासन दुकानों का भौतिक सत्यापन करे तो बहुत सारी दुकानें बंद हो जाएंगी।
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वर्जन-
पिछले साल का माल इस साल बिक रहा है इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है। अगर कहीं पर पुराना माल बिक रहा है तो उसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे ही अगर कोई दुकान नंबर दो में चल रही है तो उसका भी पता लगाया जाएगा।
-जिला आबकारी अधिकारी, बदायूं