ग्रामीण बोले-जैसी करनी, वैसी भरनी
गैंग रेप के मुजरिम सिपाहियों को कड़ी सजा होने से खुश हैं गांव वाले
वीरपाल व अवनीश ने पुलिस की छवि को कर दिया दागदार
अमर उजाला ब्यूरे
बदायूं।
मूूसाझाग थाने में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में मुजरिम दो सिपाहियों को कोर्ट से 25-25 साल कैद की सजा सुनाई गई। कोर्ट के इस फैसले से पीड़ित लड़की का परिवार और गांव वाले खासे खुश हैं। बातचीत करने पर गांव वाले बोले- जैसी करनी, वैसी भरनी। इन सिपाहियों ने पुलिस महकमे के दामन को दागदार कर दिया।
थाना मूसाझाग की बहुचर्चित यह घटना 31 दिसंबर 2014 को घटी थी। जब क्षेत्र के एक गांव की किशोरी शौच को जा रही थी तभी थाने में तैनात सिपाही वीरपाल सिंह यादव और अवनीश यादव ने किशोरी को पकड़ लिया। थाने परिसर स्थित आवास में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। थाने में सामूहिक रेप की घटना ने पूरे प्रदेश में खलबली मचा दी थी। हालांकि पुलिस ने सिपाहियों को बचाने की हर संभव कोशिश की लेकिन पीड़ित पक्ष के साथ ही बाकी जनता के कड़े विरोध के चलते पुलिस महकमे को सिपाहियों पर कार्रवाई करनी पड़ी। मुकदमा दर्ज होने के बाद दोनों की गिरफ्तारी हुई। बाद में उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
बुधवार को इस बहुचर्चित घटना पर स्पेशल जज पॉक्सो कोर्ट देवराज प्रसाद सिंह ने सिपाही वीरपाल सिंह यादव और अवनीश यादव को 25-25 साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई। दोनों पर 45-45 हजार का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट के फैसले की खबर भी पूरे क्षेत्र में खासकर मूसाझाग इलाके में हवा के साथ फैल गई। गुरुवार को इसी घटना को लेकर चर्चा का बाजार गर्म रहा था।
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थाने के सामने ही लोग पढ़ रहे थे अखबार
बदायूं। पहले पुलिस का खौफ होता था,लेकिन जब से पुलिस का जनता से विश्वास कम हुआ है तब से जनता भी पुलिस से अब डरती नहीं है। जनता जानती है कि कानून सबको बराबर है। कुछ ऐसा ही आज देखने को मिला। जब कई लोग सुबह थाने के सामने ही अखबार पढ़ रहे थे। जुबान पर यही था कि हुआ सही। इस मामले में तो ऐसा ही होना चाहिए था।
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परिजन बोले-फैसले से हैं खुश, जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट भी जाएंगे
मूसाझाग। पीड़ित किशोरी के परिजन कोर्ट के फैसले से खुश हैं। साथ ही गांव के लोग भी खुश थे। परिजनों का कहना था कि उन्हें कानून पर पूरा भरोसा था। सो जल्द ही फैसला भी आ गया। बोले-यदि मुजरिम सिपाही इस फैसले के खिलाफ आगे जाते हैं तो वेे भी पीछे नहीं रहेंगे। जरूरत पड़ेगी तो हाईकोर्ट भी जाएंगे।