बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में दो दिन से भर्ती एक महिला के चार वर्षीय बेटे को शुक्रवार रात अपहरण करने की कोशिश की गई। शुक्र रहा कि जब वह व्यक्ति बच्चे को उठा रहा तो उसके पिता की आंख खुल गई और शोर मचाने पर लोगों ने बदमाश को पकड़ लिया और पिटाई लगाई। बाद में सूचना पर पहुंची पुलिस के हवाले कर दिया।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ग्राम भगवतीपुर निवासी वीरेंद्र यादव की पत्नी विनीता यादव के सीने में छोटी सी गांठ थी। गुरुवार को वीरेंद्र यादव अपनी पत्नी को लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज गया था। चिकित्सकों ने उसी दिन गांठ का ऑपरेशन कर दिया था। तभी से विनीता मेडिकल कॉलेज के महिला वार्ड में भर्ती थी। उसकी तीमारदारी के लिए पति वीरेंद्र साथ था। वीरेंद्र की माने तो वह शुक्रवार शाम खाना लेने घर आया था। इसके बाद वह अपने इकलौते बेटे अनुराग (4) को भी मेडिकल कॉलेज ले गया। रात में खाना खाने के बाद उसकी पत्नी बेड पर सो रही थी, जबकि वीरेंद्र और उसका बेटा नीचे जमीन पर सो रहा था। रात करीब डेढ़ बजे एक व्यक्ति किसी तरह महिला वार्ड में घुस आया। वह चुपके से सीधे वीरेंद्र के बच्चे के पास पहुंचा और उसके बालक को उठाकर चल दिया। वह व्यक्ति बालक को लेकर वार्ड के गेट तक पहुंचा था कि तभी वीरेंद्र की आंख खुल गई। उसने अपने बच्चे को ले जाते देखकर तुरंत शोर मचा दिया। इससे वार्ड में भर्ती अन्य मरीज और उनके तीमारदार उठ गए। उसके बाद सभी ने मिलकर आरोपी व्यक्ति को पकड़ लिया। फिर उसकी जमकर धुनाई लगा दी। बाद में यूपी-100 को सूचना दे दी, जिस पर कुछ देर बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस आरोपी को अपने साथ ले गई। इस मामले में शनिवार देर शाम तक पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकी और न ही अपहरण करने वाले के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
बालक के अपहरण की सूचना पर रात यूपी-100 पहुंची थी। मैं सुबह मेडिकल कॉलेज पहुंचा था। मैंने आरोपी से भी पूछताछ की है। उसने बताया कि वह धोखे से महिला वार्ड में घुस गया था। बच्चा उठाने की बाबत उसने इंकार किया है। अभी कोई हमारे पास तहरीर नहीं आई है। अगर तहरीर आती है तो रिपोर्ट दर्ज कर ली जाएगी।
अवधेश कुमार, चौकी इंचार्ज शेखूपुर