बिसौली/दबतोरी। कोतवाली क्षेत्र में परसिया से अतरपुरा रोड पर बरेली के युवक की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। शव के पास मिली बाइक की आरसी से जानकारी कर शव की शिनाख्त की गई। हालांकि आरसी उसके साथ घूमने वाले दोस्त की निकली जो फरार है। मृतक के पिता ने बेटे के दोस्त के खिलाफ ही हत्या के शक में रिपोर्ट कराई है। मौके पर पहुंचे एसपी देहात ने पुलिस टीम बनाकर खुलासे के निर्देश दिए हैं, सर्विलांस व फील्ड यूनिट को भी मदद में लगाया है।
गुरुवार सुबह परसिया और अतरपुरा के बीच अहरोली चौराहे के पास सड़क किनारे एक शव पड़ा मिला। आसपास पांच मीटर के दायरे में खून पड़ा था। स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्य दीपक चौहान ने इसकी सूचना पुलिस को दी। प्रभारी कोतवाल अश्विनी कुमार मौके पर पहुंचे तो शव के पास गौरव बाबू नाम से बाइक की आरसी पड़ी मिली। इसमें बरेली जिले की आंवला तहसील के गांव महमूदपुर का पता लिखा था। पुलिस ने शव गौरव का मानकर आठ किमी दूर स्थित महमूदपुर से उसकी मां दयावती को बुलाया। उन्होंने इसे अपने बेटे का शव होने से इंकार किया। बताया कि शव उन्हीं के गांव निवासी बंजारा (28) पुत्र रामप्रसाद का है जो गौरव का जिगरी दोस्त था। तब पुलिस ने रामप्रसाद को बुलवाया। उन्होंने शव की पहचान बंजारा के रूप में की। पुलिस को घटनास्थल के पास से एक चाकू, खून से सना अंगोछा मिला। मृतक की जेब में 70 रुपये और बाहर 210 रुपये पड़े थे। उसकी जेब में पेनकिलर और नशे की गोलियां तो दूसरी जेब से ताश की गड्डी निकली।
सूचना पर एसपी देहात डॉ. एसपी सिंह, सीओ मुन्नालाल भी पहुंच गए। अधिकारियों ने परिवार से बात की। रामप्रसाद ने बताया कि बंजारा शराब पीने और जुए का शौकीन था। बुधवार शाम गांव निवासी गौरव वाल्मीकि उनके घर से बेटे बंजारा को बुला ले गया था। गौरव काफी शातिर व्यक्ति है। उन्हें शक है कि गौरव और उसके साथियों ने मिलकर उनके बेटे की हत्या कर दी है। रामप्रसाद की इसी तरह की तहरीर पर पुलिस ने गौरव के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली। गौरव का देर शाम तक पता नहीं चल सका था। पुलिस अभी यह तय नहीं कर सकी है कि गौरव ही हत्यारा है पर वह उसे संदिग्ध मानकर जांच कर रही है।
वर्जन
गौरव को बुधवार शाम बंजारा के साथ बाइक पर घूमते देखा गया था। मौके पर उसकी बाइक की आरसी भी मिली है। प्राथमिक रूप से वह संदेह के घेरे में है। उसने हत्या नहीं भी की होगी तो सारा घटनाक्रम पता जरूर होगा। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। उसे खोजकर हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा।
- डॉ. एसपी सिंह, एसपी देहात, बदायूं
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जुए के झगड़े ने तो नहीं ले ली बंजारा की जान
ईंट भट्ठे के पीछे लगता है फड़, दूरदराज से आते हैं जुआरी
अमर उजाला ब्यूरो
बिसौली। दो जिलों की सीमा के पास हुई बरेली के युवक की हत्या में वजह अभी साफ नहीं हो पा रही है, हालांकि झगड़ा जुए के दौरान हुए विवाद को माना जा रहा है। मृतक की जेब से ताश की गड्डी बरामद होने से इसकी आशंका और बढ़ गई है।
परसिया में एक ईंट भट्ठे के पीछे जुए का फड़ लगता है। यहां दूरदराज से जुआरी आकर बड़े दाव लगाते हैं। पुलिस इस बात को स्वीकार नहीं करती पर यह पक्का है कि यहां होने वाले जुए की आमदनी का एक हिस्सा उसके पास भी पहुंचता है। गौरव और बंजारा दोनों ही खाने-पीने के शौकीन थे। वह जुआ भी खेलते थे। गौरव मूल रूप से अतरपुरा गांव का ही निवासी था और उसका परिवार बाद में महमूदपुर जाकर बस गया था। इसलिए उसके साथ बंजारा का भी यहां आना-जाना लगा रहता था। बंजारा के पिता रामप्रसाद और बहन लक्ष्मी ने स्वीकार किया कि वह गलत संगत में पड़कर अपनी जिंदगी बर्बाद कर चुका था। शायद उसकी गलत आदतों ने ही उसकी जान ले ली। हालांकि तमाम तथ्य साफ होने के बाद भी पुलिस अभी जुए के विवाद में हत्या की बात स्वीकारने से हिचक रही है। एसओ ने कहा कि गौरव के मिलने पर ही सच्चाई सामने आएगी। पुलिस टीम उसकी तलाश में दबिश दे रही हैं।
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एकतरफा प्यार में दो बार मरने से बचा
दबतोरी। बंजारा के पिता रामसेवक ने बताया कि उनका बेटा चंदौसी क्षेत्र की एक लड़की से एकतरफा प्यार करता था। छह महीने पहले बंजारा ने घर में ही फंदा लगा लिया था। तब उन्होंने उसे चंदौसी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया और मुश्किल से उसकी जान बची। एक साल पहले उसने छत से कूदकर जान देने की कोशिश की थी। तब उसके दोनों पैर टूट गए थे। लंबे इलाज के बाद वह धीमे-धीमे चलने लायक हो सका था। उसे अक्सर पैर में तेज दर्द होता था। इसीलिए वह दर्द और नींद की दवा साथ रखता था। मौके पर संघर्ष के निशान देखे गए। संभव है कि झगड़े के बाद उसने मौके से भागने की कोशिश की हो पर भाग नहीं पाया और हत्यारों ने उसे चाकुओं से गोद दिया। उसे काफी निर्ममता से मारा गया। उसके चेहरे, गर्दन, पेट और हाथों पर चाकू के वार किए गए हैं।
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शातिर गौरव पर दर्ज हैं मुकदमे
दबतोरी। बंजारा का भगोड़ा दोस्त गौरव काफी शातिर है। उसके खिलाफ वजीरगंज थाने में लूट का मुकदमा है। आंवला कोतवाली में भी मारपीट जैसे मामलों में उसके खिलाफ केस हैं। गांव में भी वह दबंगई से रहता था। ऐसे में बंजारा के परिवार के अलावा पुलिस भी प्राथमिक तौर पर उसी को आरोपी मानकर चल रही है। हालांकि संदेह यह भी बरकरार है कि किसी और ने यह घटना की हो और गौरव को फंसाने के लिए मौके पर उसकी बाइक की आरसी डाल दी हो। जाहिर है कि कोई भी हत्यारा मौके पर आसानी से अपने फंसने का साक्ष्य नहीं छोड़ता। सभी बिंदुओं पर पुलिस जांच में जुटी है।