बदायूं। एसएसपी कार्यालय में किसान के आत्मदाह करने के मामले में सिविल लाइंस थाने के मुंशी संजीव गंगवार को लाइन हाजिर कर दिया गया है। चार दिन पहले किसान के बेटे ने उसके खिलाफ तहरीर दी थी। सीओ सिटी मामले की जांच कर रहे थे। एसएसपी ने प्राथमिक जांच पर मुंशी को लाइन हाजिर कर दिया है।
15 जून को किसान का बेटा अमरजीत एसएसपी कार्यालय पहुंचा था। उसने बताया था कि उसके पिता के आत्मदाह करने के मामले में सिविल लाइंस थाने के मुंशी संजीव गंगवार की भी लापरवाही रही। जब वह घायल होकर थाने पहुंचे थे। तब मुंशी ने उसके परिवार वालों का मेडिकल परीक्षण कराने की जरूरत नहीं समझी। हालांकि उसने मजलूमी चिट्ठी दे दी थी। परिवार वालों के कहने के बावजूद उनके साथ सिपाही नहीं भेजे। उस दौरान मुंशी आरोपियों के साथ बैठकर सिगरेट पी रहा था।
अमरजीत ने उस पर आरोपियों से रुपये लेने का भी आरोप लगाया था। इसके अलावा उसका कहना था कि खेत में आग लगाने की धारा नहीं बढ़ाई गई जबकि इंस्पेक्टर ने खुद मुंशी से कहा था कि मामले में आग लगाने की धारा जरूर बढ़ा दे।
अमरजीत ने इस संबंध में मुंशी के खिलाफ तहरीर सौंपी थी। एसएसपी ने इसकी जांच सीओ सिटी को दी। इस मामले में प्रथम दृष्टतया लापरवाही मानते हुए एसएसपी ने मुंशी को लाइन हाजिर कर दिया है। इंस्पेक्टर चंद्र प्रकाश शुक्ला ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मुंशी को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
बहाल दरोगा का बिनावर ट्रांसफर
किसान के आत्मदाह करने के मामले में निलंबित किए गए दरोगा राहुल पुंडीर और इंस्पेक्टर राजकुमार तिवारी को बहाल कर दिया गया है। दरोगा राहुल पुंडीर को एसएसपी ने पुलिस लाइन से बिनावर स्थानांतरित किया है। अभी राजकुमार तिवारी को कहीं का चार्ज नहीं दिया गया है।
उनके अलावा दो इंस्पेक्टर, 14 दरोगा समेत 32 पुलिस कर्मियों का ट्रांसफर किया गया है। इसमें उझानी के छह सिपाहियों को लाइन हाजिर किया गया। अलापुर में तैनात इंस्पेक्टर जयपाल सिंह को भी लाइन भेजा गया है। संवाद