बदायूं। राजकीय ठेकेदार को हड़काकर रुपये वसूलने के मामले में रोडवेज चौकी इंचार्ज अरविंद कन्नौजिया और सिपाही जितेंद्र सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। दो दिन पहले ठेकेदार ने एसएसपी से इसकी शिकायत की थी। उसका आरोप था कि चौकी इंचार्ज और एक सिपाही जबरन उसे पकड़कर चौकी ले आए। उससे 10 हजार रुपये मांगे गए। जब तक उनसे ढाई हजार रुपये नहीं ले लिए, तब तक उसे नहीं छोड़ा गया।
सिविल लाइंस निवासी राजकीय ठेकेदार अशोक कुमार के मुताबिक दो जून को उसके आवास पर रोडवेज चौकी का सिपाही जितेंद्र सिंह पहुंचा। उसने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कहा था कि तेरे चरित्र प्रमाण पत्र की जांच आई है। अशोक कुमार ने दस मिनट में आने को कहा तो सिपाही भड़क गया और पुलिस बुलाने की धमकी दे डाली। गालीगलौज भी की। वह मजबूरी में अपनी बाइक लेकर पुलिस चौकी पहुंचा।
आरोप है कि उसे तीन-चार घंटे चौकी में बैठाया गया। उससे 10 हजार रुपये मांगे गए। उसकी तलाशी ली गई। ठेकेदार ने अपने बेटे से रुपये मंगाए। घर पर ढाई हजार रुपये रखे थे। उनमें दो हजार चौकी इंचार्ज और पांच सौ रुपये सिपाही ने ले लिए। एसएसपी ने मामले की जांच सीओ सिटी आलोक मिश्रा को सौंपी थी। उनकी जांच में रुपये लेने का मामला सामने आया। इस पर एसएसपी ने चौकी इंचार्ज अरविंद कन्नौजिया और सिपाही जितेंद्र सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है।
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राजकीय ठेकेदार ने सिपाही और चौकी इंचार्ज के खिलाफ तहरीर दी थी। इसकी सीओ सिटी से जांच कराई गई। उसमें रुपये लेने का मामला सामने आया था। इस पर दोनों को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
-डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी