बदायूं। एसएसपी कार्यालय में किसान के आत्मदाह करने के मामले में बृहस्पतिवार को एसआईटी की दो सदस्यीय टीम बदायूं पहुंची। टीम ने जिला कारागार पहुंचकर मामले में नामजद सभी आरोपियों के बयान दर्ज किए। सिविल लाइंस थाने से कुछ कागजात जुटाए और बाद में रसूलपुर पहुंचकर किसान के परिवार वालों से बात की। इसमें कुछ ग्रामीणों के भी बयान दर्ज किए गए हैं।
एसआईटी में शामिल इंस्पेक्टर राजवीर सिंह और इंस्पेक्टर राजेश सिंह बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे बदायूं पहुंचे। दोनों सबसे पहले जिला कारागार पहुंचे। यहां मामले में नामजद आठों आरोपी जिला कारागार की अलग-अलग बैरक में बंद थे। सभी आरोपियों को एक-एक करके बुलाया गया। उनके बयान दर्ज किए गए। बताया जा रहा है कि सभी को अपने ही हित में बयान दिए। उनके बयान दर्ज करने के बाद एसआईटी सिविल लाइंस थाने पहुंची। यहां से टीम ने कुछ कागजात जुटाए।
पोस्टमार्टम के दौरान किसान का विसरा भी प्रजर्व किया गया था। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह आग लगना बताई गई थी। चूंकि किसान 95 प्रतिशत झुलस गया था। इससे उसकी मौत हो गई। मौत की वजह लिखी होने से विसरा निरस्त कर दिया गयौ। एसआईटी ने विसरा निरस्त करने की रिपोर्ट भी ली है। दोपहर बाद टीम रसूलपुर गांव पहुंची। किसान के परिवार वालों और गांव के कुछ अन्य लोगों के भी बयान लिए। शाम को टीम बदायूं से रवाना हो गई।