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ई-वे बिल में हेराफेरी के शक में 33 लाख का मेंथा क्रिस्टल पकड़ा

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बदायूं। संभल जिले में चंदौसी की फर्म के जरिये वाराणसी पहुंचाने के लिए एक वाहन में लदे मेंथा क्रिस्टल के सौ टिन वाणिज्य कर विभाग की टीम ने पकड़ लिए। टीम में शामिल अफसरों को शुरुआती जांच में ई-वे बिल में हेराफेरी का शक हुआ तो मामला टैक्स चोरी का नजर आने लगा। वाहन चालक ने इस दौरान अफसरों को गुमराह करने का प्रयास भी किया। फिलहाल मेंथा क्रिस्टल के सभी टिन शहर के एक कोल्ड स्टोर में रखवा दिए गए हैं। क्रिस्टल करीब 33 लाख रुपये के बताए जा रहे हैं।
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मुरादाबाद-फर्रुखाबाद राजमार्ग पर वजीरगंज के पास वाणिज्य कर विभाग की टीम चेकिंग कर रही थी। इस दौरान राज्य कर अधिकारी अनिल कुमार तिवारी ने एक टाटा-407 रुकवाने का प्रयास किया तो चालक ने उसकी रफ्तार बढ़ा दी, लेकिन फिर भी वह पकड़ में आ गया। बकौल तिवारी : गाड़ी में सौ टिन मेंथा क्रिस्टल के थे। चालक ने ई-वे बिल भी दिखाया, जिसे देखकर एकबारगी अफसरों को भी सब ठीक लगा। उसी दौरान राज्य कर अधिकारी की नजर ई-वे बिल की तारीख पर पड़ी तो साफ हो गया कि वह पांच मई शाम 6:16 मिनट पर चंदौसी (संभल) की फर्म से वाराणसी की एक कंपनी के लिए रवाना किया गया था। चालक ने ई-वे बिल की हकीकत सामने आने के बाद भी टीम के अफसरों को गुमराह करने में कसर नहीं छोड़ी।
टैक्स चोरी मानकर टीम ने सभी टिन कब्जे में ले लिए। इनको फिलहाल शहर के एक कोल्ड स्टोर में रखवा दिया गया है। अफसरों के मुताबिक- गर्मी अधिक पड़ने की वजह से क्रिस्टल ऑयल में तब्दील हो सकते हैं, इसलिए न्यूनतम तापमान में सुरक्षित रखा जा गया है। पकड़े गए क्रिस्टल का मूल्य 33.60 लाख रुपये आंका गया है। प्रत्येक टिन में 25 किलोग्राम क्रिस्टल है। बावजूद इसके चंदौसी की फर्म मालिक की ओर से वाणिज्य कर विभाग के कार्यालय में अब तक असली ई-वे बिल भी नहीं सौंपा गया है। माना जा रहा है कि यदि ई-वे बिल में हेराफेरी करके ये टिन रवाना किए गए हैं तो फर्म पर टैक्स चोरी के तहत जुर्माना भी पड़ेगा।
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ट्रैकर से खुली पोल.. लखनऊ और रायबरेली टोल प्लाजा पर मिली वाहन की लोकेशन
मेंथा क्रिस्टल लदा जो वाहन संभल जिले के चंदौसी से वाराणसी के लिए पांच मई शाम करीब छह बजे रवाना हुआ, उसे वजीरगंज तक पहुंचने में दो दिन से ज्यादा का वक्त कैसे लग गया। इसी बात पर विभाग की टीम ने ई-वे बिल के आधार पर हकीकत जानने के लिए वाहन ट्रैक कराया तो छह मई को उसकी लोकेशन पहले लखनऊ फिर रायबरेली के टोल प्लाजा तक पता चली। अधिकारियों के अनुसार, ऐसा भी हो सकता है कि इस ई-वे बिल पर चालक वाराणसी तक कोई और खेप अनलोड कर आया, फिर दूसरी खेप में उसी बिल का सहारा ले लिया गया। अगर ऐसा हुआ है तो बड़ा गोलमाल उजागर हो सकता है।
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पकड़े गए वाहन में लदे मेंथा क्रिस्टल के टिन जांच पूरी होने तक एक कोल्ड स्टोर में रखवाए गए हैं। चंदौसी की फर्म की ओर से तक सफाई पेश नहीं की गई है और न ही कोई और ई-वे बिल सौंपा गया है। पुराने बिल पर खेल पाया गया तो जुर्माने की कार्रवाई होगी।
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- अनिल कुमार तिवारी, राज्य कर अधिकारी
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