कुंवरगांव में अधिकारियों से होती नोकझोंक। संवाद
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कुंवरगांव। सरकारी जमीनों पर किए गए कब्जों को ध्वस्त करने के लिए कुंवरगांव में भी बुलडोजर चला। तालाब की जमीन पर स्थायी रूप से अतिक्रमण कर बनाए गए मकान को तहसील प्रशासन ने ध्वस्त करा दिया। इस बीच चेयरमैन के पति की हल्का लेखपाल से बुलडोजर चलाने पर नोकझोंक भी हुई। हालांकि एसडीएम ने सभी को समझा-बुझाकर मामला शांत कर दिया।
प्रदेश सरकार सरकारी जमीन पर हुए कब्जों को मुक्त कराने में लगी है। नगर में सरकारी तालाब पर यही के रहने वाले एक व्यक्ति ललित कुमार ने मकान बनाकर कब्जा कर रखा था। इसकी कई बार शिकायत भी हुई पर मामला दबा रहा। प्रशासन इस बार सख्त हो गया। बृहस्पतिवार सुबह एसडीएम सदर, तहसीलदार और राजस्व विभाग के अन्य कर्मचारी अपनी टीम के साथ पहुंच गए। सरकारी जमीन पर बने ललित के मकान पर बुलडोजर चलवा दिया, कुछ ही देर में पूरा मकान ध्वस्त हो गया। ललित का कहना था कि हल्का लेखपाल ने उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी, इसकी वजह से वह अपना सामान भी नहीं निकाल सके। हालांकि लेखपाल का कहना था कि उसको इस बारे में पहले भी कई बार बताया गया। टीम मकान ध्वस्त करने के बाद नगर पंचायत कार्यालय के पास पहुंची। यहां पर भी कुछ लोगों द्वारा तालाब की जमीन पर कब्जा करने का आरोप था। इस दौरान चेयरमैन के पति संजय गुप्ता की हल्का लेखपाल से नोकझोंक हो गई। संजय गुप्ता ने एसडीएम के सामने ही लेखपाल पर दुकानदारों से दस हजार की मांग का आरोप लगाया। कहा कि दुकानदारों द्वारा रुपये न देने पर लेखपाल ने यह कदम उठाया है। एसडीएम ने लेखपाल पर लगे आरोप की जांच कराने का आश्वासन दिया। काफी देर नोकझोंक होने के बाद एसडीएम ने मामला निपटाया।
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आज शाम तक की है मोहलत
नगर पंचायत कार्यालय के पास अतिक्रमण को स्वयं हटा लेने के लिए एसडीएम सदर ने संबंधित दुकानदारों को निर्देश दिए हैं। साथ ही चेताया यदि शाम तक उन्होंने जमीन को कब्जा मुक्त नहीं किया, तो प्रशासन अपने स्तर से हटा देगा। तब संबंधित दुकानदारों से जुर्माना भी वसूला जाएगा।
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दुकानदारों को परेशान करने का आरोप
नगर पंचायत कुंवरगांव की अध्यक्ष शीतल गुप्ता का कहना है कि प्रशासन दुकानदारों को बेवजह परेशान कर रहा है। दुकानों को नहीं हटाया जाएगा। इसके लिए जरूरत पड़ी तो कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।