बदायूं। योगी सरकार 2.0 शुरू होते ही अपराधियों पर चाबुक चलना शुरू हो गया है। इसके तहत मंगलवार को पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई की। शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला खंडसारी निवासी तीन हत्याओं में नामजद शराफत की 26 लाख रुपये की संपत्ति जब्त कर ली। इससे पहले पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने छह सड़का पर खड़े होकर लाउडस्पीकर से उसके परिवारवालों को घर खाली करने की चेतावनी दी। बाद में ढोल नगाड़े लेकर पुलिस उसके घर पहुंची और उसका मकान सील करा दिया। उसकी बाइक भी जब्त की गई है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला खंडसारी निवासी शराफत तीन हत्याओं में नामजद है। उसके खिलाफ गैंगस्टर का मामला भी दर्ज है। इसकी सुनवाई डीएम कोर्ट में चल रही थी। उसमें कोतवाली पुलिस ने सभी आपराधिक मामलों का हवाला दिया था। इस पर डीएम ने गैंगस्टर शराफत का मकान और पल्सर बाइक जब्त करने के आदेश दिए थे। इसके तहत मंगलवार दोपहर एसडीएम सदर एसपी वर्मा, तहसीलदार करनवीर सिंह, सीओ सिटी आलोक मिश्रा और कोतवाली इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार धामा पुलिस बल के साथ छह सड़का पहुंचे। यहां खड़े होकर उन्होंने सबसे पहले गैंगस्टर के परिवारवालों को घर खाली कराने की चेतावनी दी। इसके लिए कुछ मिनट का समय दिया गया। समय पूरा होने पर पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी आगे-आगे ढोल नगाड़े बजवाते हुए खंडसारी मोहल्ले में गैंगस्टर शराफत के घर पहुंचे। उस वक्त गैंगस्टर का बेटा राजा और उसकी पत्नी, बच्चे आदि घर में मौजूद थे। अचानक पुलिस बल देखकर उन्होंने समय मांगा लेकिन अधिकारियों ने कहा कि वह पहले ही समय दे चुके हैं। अब घर खाली करने का वक्त है। वह काफी देर तक पुलिस से मिन्नतेें करते रहे। जब अधिकारी नहीं माने तो उन्हें घर खाली करना पड़ा। बाद में पुलिस ने गैंगस्टर के घर को ताला लगाकर सील कर दिया। उसकी एक पल्सर बाइक भी जब्त की गई है। बताया जा रहा है कि गैंगस्टर की ये संपत्ति करीब 26 लाख 74 हजार रुपये की है।
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गैंगस्टर नईम उर्फ राजा, उसके भाई फहीम और पिता की हत्या में नामजद है शराफत
साल 2015 में खंडसारी मोहल्ले के गैंगस्टर नईम उर्फ राजा की मीट मार्केट के सामने गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में शराफत समेत 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी लेकिन पुलिस ने विवेचना में शराफत के बेटे लखन और राजा को निकाल दिया था। इसके बावजूद नईम के पिता कासिम ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर दोनों को तलब करा लिया था। इसके एक साल बाद नईम के भाई फहीम की गला रेतकर हत्या कर दी गई। इसमें भी शराफत उसके बेटे राजा के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। साल 2020 में नईम के पिता कासिम की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह अपने दोनों बेटों की हत्या में नामजद आरोपियों को सजा दिलवाना चाहता था। इसमें भी शराफत समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। फिलहाल शराफत समेत 11 आरोपी जेल में हैं। जबकि शराफत का बेटा राजा बाहर है।
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अपराध से कमाई दौलत
मंगलवार को पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने जिस गैंगस्टर के घर को जब्त किया। वह पहले से आपराधिक मामलों में वांछित रहा है। उसने साल 2004 में खंडसारी मोहल्ले में एक खंडहर नुमा मकान अपनी पत्नी जैबुल निशा के नाम खरीदा था। उसका मुख्य कारोबार पोटली का था। यही धंधा करके शराफत आगे बढ़ता चला गया। उसने खंडहर नुमा मकान को फिर से बनवाया। आज उसकी कीमत करीब 26 लाख 42 हजार रुपये है।
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35 साल कोटेदार रहा शराफत
तीन हत्याओं में नामजद शराफत पैंतीस साल कोटेदार रहा। उसने गैंगस्टर के मामले में डीएम कोर्ट में ये हवाला दिया है कि वह वर्ष 1985 से 2020 तक कोटेदार रहा। उसकी कमाई का एक जरिया ये भी था।
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पोटली के कारोबार से शुरू हुई थी रंजिश, कई हत्याएं हुईं
खंडसारी मोहल्ले के नईम उर्फ राजा और शराफत गैंग पोटली का कारोबार करते थे। पोटली काटे जाने वाले बड़े पशुओं (गाय-भैंस) के शरीर के पिछले हिस्से में थैलीनुमा रचना होती है जिसमें उसका गोबर भरा रहता है। पशु कटान के बाद इसे निकालकर धोकर उसमें नमक भरकर रखा जाता है। फिर इसे विदेशों तक निर्यात किया जाता है। इसकी काफी मांग रहती है। दोनों गैंग शहर में मीट की दुकानों से पोटली इकट्ठा करते थे। शराफत गैंग ये धंधा पहले से कर रहा था। नईम गैंग ने बाद में शुरू किया था। उसने दबंगई में अपना धंधा बढ़ाने की कोशिश की थी। इससे शराफत का धंधा चौपट हो रहा था तो शराफत गैंग ने नईम उर्फ राजा की हत्या कर दी गई। इसके एक साल बाद उसके भाई फहीम को मार डाला। 2020 में उसके पिता कासिम की हत्या कर दी। नईम की हत्या में नामजद हाशिम की भी हत्या हुई थी।
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खंडसारी मोहल्ले का शराफत तीन हत्याओं और गैंगस्टर के मामले में नामजद है। डीएम के आदेश पर मंगलवार को उसका मकान और बाइक जब्त की गई है। करीब 26 लाख 74 हजार रुपये की संपत्ति है। उसका मकान खाली करवाकर सील करा दिया गया है।
- आलोक मिश्रा, सीओ सिटी
खंडसारी मोहल्ले में मकान सील कराने के बाद नोटिस लगवाते अधिकारी। संवाद- फोटो : BADAUN