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पहले से था हत्या का इरादा, दो दिन से दुकान में रखा था तमंचा

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कबूलपुरा मोहल्ले में अपने बच्चों के साथ बैठी शारिक की पत्नी शुमाइला और मां। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। कबूलपुरा के शारिक हत्याकांड में पत्नी शुमाइला का कहना है कि पति की हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई। आरोपी कई दिन से योजना बना रहे थे। जिस हत्यारोपी खालिद से मतदान के दिन विवाद हुआ था वह तभी से पति को मारने का इरादा बनाए था और दो दिन पहले ही दुकान पर तमंचा लाकर रख लिया था। शनिवार रात उसके पति को कॉल करके बुलाया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। उसने अंदेशा जाहिर किया कि हत्या में कई और लोग भी शामिल हैं।
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कादरचौक के रमजानपुर निवासी शारिक उर्फ खिल्लू बिजली मिस्त्री था। वह करीब 10-15 साल से कबूलपुरा मोहल्ले में किराये पर रहकर अपना काम कर रहा था। शनिवार रात उसकी कबूलपुरा में आबिद की चक्की के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसकी पत्नी शुमाइला ने बताया कि शारिक शनिवार शाम छह बजे एक जगह बिजली फिटिंग करने बाइक से गए थे। कॉल करती रही लेकिन नंबर नहीं लगा। इसी दौरान दो लोग घर आए। उन्होंने बताया कि खालिद ने शारिक को गोली मार दी है। वह सड़क किनारे पड़े हैं। जब तक वह मौके पर पहुंचीं उन्हें जिला अस्पताल ले जाया जा चुका था। शारिक को बरेली भेजा गया लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई।
बाद में पता चला कि उनकी बाइक कबूलपुरा मोहल्ले में एक होटल पर खड़ी कराई गई थी। एक परिचित युवक शारिक को अपनी बाइक पर बैठाकर खालिद के पास ले गया था। पत्नी का कहना था कि जबसे खालिद सिद्दीकी से शारिक का विवाद हुआ था। तबसे वह उसकी दुकान पर नहीं जाते थे और न ही उससे बात करते थे।
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पत्नी ने दावा किया कि एक प्लान के तहत शारिक को खालिद के पास ले जाया गया। खालिद के पास लाइसेंसी बंदूक है पर वह कोतवाली में जमा है। उसने दो दिन पहले ही एक व्यक्ति से तमंचा मंगाया था। उसी तमंचे से गोली मारकर हत्या की गई।
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पौन घंटे तक तड़पता रहा शारिक, ज्यादा खून बहने से हुई मौत
पत्नी व परिवार के मुताबिक हत्यारोपी खालिद ने शारिक पर गोली चलाई थी लेकिन वह जांघ के पीछे लगी। इससे शारिक सड़क किनारे गिर गए। दहशत का आलम ये था कि वहां मौजूद रिक्शा, ऑटो वाले और दुकानदार तक दुकानें बंद करके भाग गए। किसी ने शारिक को अस्पताल पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई। शारिक का काफी खून सड़क पर बह गया। अस्पताल के कर्मचारी भी कागजी कार्रवाई में लगे रहे। ऐेसे में पौन घंटे तक खून रोकने का इंतजाम नहीं किया गया। परिवार के मुताबिक ज्यादा खून बहने से ही शारिक की मौत हुई।
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कबाब खिलाने के बहाने ले गए थे
परिवार वालों का कहना है कि शनिवार शाम शारिक बिजली फिटिंग का कार्य कर रहा था जब उसे कॉल करके बुलाया गया था। उसकी बाइक खड़ी कराने के बाद बताया गया कि आगे कबाब खाने चल रहे हैं। बाद में उसे बहाने से खालिद की दुकान पर ले जाया गया, जहां योजना के मुताबिक उनकी हत्या कर दी गई।
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शारिक ने किया था प्रेम विवाह
रमजानपुर से आने के बाद शारिक एक धर्मस्थल परिसर में होटल चलाता था। वहीं शुमाइला का आना जाना था। इससे दोनों एक-दूसरे को चाहने लगे। फिर दोनों ने परिवारवालों की मर्जी से शादी कर ली। शारिक के एक बेटी और दो बेटे हैं। कुछ साल पहले एक बेटे की नाले में डूबकर मौत हो गई थी।
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हत्यारोपी खालिद की तलाश में तीन टीमें गठित
शनिवार रात से फरार हत्यारोपी खालिद सिद्दीकी अब तक गिरफ्तार नहीं हो सका है। पुलिस उसे तलाश कर रही है। उसकी गिरफ्तारी को कोतवाली से दो टीमें लगाई गई हैं। उनके अलावा एसओजी और सर्विलांस टीम भी काम कर रही है। कई जगह दबिश दी गई है लेकिन अब तक उसका कुछ पता नहीं चला है।
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गुस्सैल प्रवृत्ति का है खालिद, पहली पत्नी ने भी कराई थी रिपोर्ट
शारिक हत्याकांड का आरोपी खालिद सिद्दीकी गुस्सैल प्रवृत्ति का है। उसका ककराला निवासी एक युवती से पहला निकाह हुआ था। इस निकाह के कुछ समय बाद खालिद ने पत्नी के साथ मारपीट शुरू कर दी। बाद में उसे घर से निकाल दिया। इस संबंध में पत्नी ने कोतवाली में मामला दर्ज कराया था। उसमें चार्जशीट भी लगी थी लेकिन बाद में दोनों का फैसला हो गया। युवती अपने मायके चली गई। खालिद ने दूसरा निकाह कर लिया। पड़ोसी बताते हैं कि छोटी-छोटी बातों पर वह तैश में आ जाता है।
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शारिक का खालिद से मतदान के दिन विवाद हुआ था, यह जानकारी ही पुष्ट है। गोली मारने की सूचना पर हम मौके पर गए थे, वहां ऐसी कोई बात सामने नहीं आई कि चुनावी बहस में गोली मारी गई हो। फिलहाल पुलिस खालिद की तलाश कर रही है। उसकी गिरफ्तारी से ही वजह साफ होगी। कोई और भी दोषी होगा तो विवेचना में नाम खोला जाएगा।
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- सिद्धार्थ वर्मा, प्रभारी एसएसपी
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