बदायूं। इस्लामनगर में मतदान के दिन पकड़ा गया फर्जी आधार कार्ड बनाने का मामला चुनाव प्रभावित करने की एक सोची समझी साजिश थी। आरोपियों का प्लान था कि जो लोग वोट करने नहीं आए थे उनके नाम से फर्जी आधार कार्ड बनाकर दूसरे व्यक्ति से वोटिंग कराई जाए। मौके से जो आधार कार्ड बरामद हुए उनमें अधिकतर पर एक ही नंबर था। फिलहाल पुलिस इसकी जांच कर रही है। अभी कोई आरोपी पकड़ा नहीं गया है।
14 फरवरी को इस्लामनगर के मनिहार मोहल्ले में ये फर्जीबाड़ा पकड़ा गया था। एक सूचना पर सीओ बलदेव सिंह, इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह और एसआई चंद्रपाल सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे और गफ्फार के घर में छापा मारा था। सूचना ये थी कि उसके घर में फर्जी आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं और उनसे फर्जी मतदान कराया जा रहा है। जैसे ही पुलिस घर में घुसी, गफ्फार, साईन और दो अन्य लोग मौके से भाग गए थे। एक कमरे से लैपटॉप, प्रिंटर और फोटो कॉपी मशीन के अलावा कई आधार कार्ड बरामद हुए थे। 39 पेज की एक वोटर लिस्ट भी मिली थी। ऊपरी पेज पर नगमा, सबा और अन्य पेज पर शीतल लिखा था। इनके अलावा आठ आधार कार्ड मिले थे। उनमें रुकसार, बुसरा, फईम, सबा, ताजीम, मजाहिर, आदिलऔर राशिद सकलैनीके नाम थे। इनमें चार आधार कार्डों पर एक ही नंबर लिखा था। इससे फर्जी आधार कार्ड बनाए जाने की तस्दीक हुई थी।
इस मामले में अब तक कोई आरोपी पकड़ा नहीं गया है। इससे कई सवालों का खुलासा होना बाकी है।
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इस्लामनगर के मनिहार मोहल्ले में पकड़ा गया मामला फर्जी आधार कार्ड बनाने का था। इसकी गंभीरता से जांच कराई जा रही है। आरोपियों को तलाश कराया जा रहा है। उसके बाद ही स्थिति साफ होगी।
- सिद्धार्थ वर्मा, एसपी देहात