उझानी (बदायूं)। चुनाव से पहले अवैध शराब की भट्ठियां बंद कराने और धंधेबाजों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान पुलिस को मंगलवार को बड़ी सफलता मिली । पुलिस ने कटरी के गांव अमीरगंज में दो घरों की घेराबंदी कर तलाशी ली तो वहां दोनों के गृहस्वामी अवैध शराब बनाते मिले। वह यूरिया मिलाकर अवैध शराब बना रहे थे। दोनो को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने दोनों घरों समेत अलग-अलग स्थानों से 580 लीटर अवैध शराब और उसे बनाने के उपकरण बरामद किए। कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
सीओ गजेंद्र श्रोत्रीय ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के गांव अमीरगंज से पुलिस ने अवैध शराब के धंधेबाजों भूरे , महेंद्र, सोहन लाल, सतीश और जगदीश को अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस को भूरे और सोहन लाल के घरों में शराब बनाने की भट्ठियां चलती मिलीं। अवैध शराब बनाने के उपकरणों में छोटे गैस सिलिंडर, केन, चूल्हे आदि के अलावा करीब चार किलो यूरिया पकड़ा।
पुलिस के मुताबिक- धंधेबाजों ने बताया कि यूरिया का इस्तेमाल अवैध शराब बनाने में करते हैं। इसके मिलाने से अवैध शराब की तीव्रता तो बढ़ जाती है लेकिन इसे पीने से जान भी जा सकती है। पुलिस ने दोनों घरों में मिले लहन को मौके पर ही नालियों में बहा दिया।
पुलिस ने इसके अलावा हुसैनपुर पुख्ता निवासी लाखन, सत्यवीर, सत्यपाल, कुंवरपाल और अनार सिंह, रियोनइया गांव के बच्चन, श्रीनारायणगंज मोहल्ला निवासी नेत्रपाल, नझियाई मोहल्ला के सुरेश और रामखिलाड़ी को भी केनों में रखी अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया। कटरी के गांव अमीरगंज और हुसैनपुर पुख्ता में अवैध शराब की भट्ठियां पहले भी पकड़ में आती रहीं हैं।
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गंगा पार कासगंज-एटा से जुड़े हैं धंधेबाजों के तार
कटरी के गांव अमीरगंज में अवैध शराब के धंधे को लेकर पुलिस अफसर भी अच्छी तरह वाकिफ हैं। करीब दो दशक से इस गांव में अवैध शराब का धंधा चलता रहा है। महिलाओं के नाम भी पुलिस के रिकार्ड में आ चुके हैं। पिछले साल तो गांव की दो महिलाओं को अवैध शराब बनाते हुए पकड़ा गया था। बताते हैं कि धंधेबाज इलाके में ही नहीं बल्कि गंगा पार कासगंज और एटा जिले के कुछेक गांवों में लोगों तक अवैध शराब पहुंचाते हैं। एटा और कासगंज जिले के धंधेबाजों से उनके तार जुड़े बताए गए हैं। गंगा पार के जिलों में शराब पहुंचाने के लिए धंधेबाज नावों का इस्तेमाल करते हैं। संवाद