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प्रमाणपत्र बनाने के नाम पर दिव्यांगों से ठगी

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बदायूं। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव रूपापुर निवासी दिव्यांग कृपाराम व अन्य लोगों से दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने के नाम पर ठगी कर ली गई। ठगी करने वाले युवक ने कृपाराम को बताया कि वह जिला अस्पताल से आया है और सरकार दिव्यांगजनों के नए प्रमाणपत्र बनवाएगी। जालसाज ने उनके प्रमाणपत्र लेकर अपने मोबाइल से स्कैन कर कागजों पर अंगूठा लगवा लिया। इसके बाद दिव्यांगों के खाते से रुपये निकाल लिए गए। सिविल लाइंस पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रुपापुर गांव में जालसाजों ने दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर ठगी कर लोगों के खाते से पैसे निकाल लिए। रुपापुर निवासी कृपा सिंह ने बताया कि दो माह पहले गांव में एक व्यक्ति आया और उसने खुद को सरकारी अस्पताल का कर्मचारी बताते हुए दिव्यांगों के नए प्रमाण पत्र बनाने की बात कही। उसने कई ग्रामीणों के प्रमाणपत्र व आधार लेकर अपने मोबाइल से स्कैन कर ऑनलाइन कर लिया। फिर यह कहकर चला गया कि नए प्रमाणपत्र डाकिया लेकर आएगा। लोगों को ठगी के बारे में तब पता चला जब उन लोगों ने बैंक से पासबुक अपडेट करवाई। किसी के खाते से ढाई तो किसी के खाते से डेढ़ हजार रुपये गायब थे। लोगों ने जब बैंक कर्मचारियों से ठगी की शिकायत की तो उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। ठगों द्वारा दिए गए नंबर पर फोन करने पर उन्होंने अपना नाम सौरभ शर्मा और राजेंद्र बताए। कृपा सिंह की तहरीर पर सिविल लाइन थाने में सौरभ व अन्य आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
सरकारी योजनाओं को हथियार बना रहे ठग
अक्सर ग्रामीण इलाकों में ठग सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देते हैं और पेंशन बनवाने तथा प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर भी ठगी कर लेते हैं। उज्ज्वला योजना के तहत फ्री गैस कनेक्शन दिलाने के नाम पर भी कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की जा चुकी है। ऐसे में लोगों को सरकारी योजनाओं के बारे में संबंधित विभाग से जानकारी करनी चाहिए।
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सिविल लाइंस थाने में दर्ज मामले में विवेचना कराकर पुलिस असली आरोपियों को पकड़ने की कोशिश करेगी। वैसे लोगों को इस तरह के झांसे में नहीं आना चाहिए। अपने आधार कार्ड या प्रमाणपत्र किसी को नहीं देने चाहिए और न ही किसी को ओटीपी आदि बताना चाहिए। बदायूं पुलिस लोगों को साइबर अपराध से बचाने के लिए जागरुकता के काफी प्रयास कर रही है। - डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
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