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आधे घंटे पहले कारोबारी को पूछकर गए थे हत्यारे

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इसी दुकान में कारोबारी को मारी गई गोली। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। बदमाशों का मकसद कारोबारी राकेश गुप्ता को मारना था। वारदात को अंजाम देने से पहले बदमाशों ने रैकी की थी। चश्मदीद गवाह निखिल ने बताया कि हत्यारे आधा घंटे पहले उसके पिता को पूछकर गए थे। घटना के बाद भाग रहे हत्यारों का मजदूरों ने पीछा किया था। मजदूरों को पीछा करते देख बदमाशों ने हवा फायरिंग कर दी और भाग गए।
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वारदात के बाद पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे तो निखिल बुरी तरह डरा हुआ था। बात करते समय उसके होंठ कांप रहे थे। एसपी सिटी के पूछने पर निखिल ने थरथराई आवाज बताया कि सब कुछ तीन मिनट में हो गया। निखिल बोला - पापा रात आठ बजे दुकान बंद कर देते थे। फिर नहा धोकर खाना खाते थे। वह शाम को दुकान पर आकर बैठ जाता था। करीब आधे घंटे पहले पापा दुकान पर नहीं थे। उसी दौरान तीनों हमलावर दुकान पर आए थे। निखिल से पूछा कि तुम्हारे पापा कहां हैं? कपड़ा खरीदना है। इतना पूछने के बादतीनों चले गए।
तीनों बदमाश दोबारा आए ते तो पापा दुकान में मौजूद थे। वे कपड़ा खरीदने का बहाने दुकान के अंदर घुसे। पापा का ध्यान बंटते ही बदमाशों ने गोला मार दी। निखिल के मुताबिक एक आरोपी मोटा तो दूसरा सामान्य डीलडौल का था। उसने उन्हें इससे पहले कभी नहीं देखा था। शायद पापा भी उन्हें नहीं जानते थे। वर्ना कोई बात जरूर करते।
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वहीं घटनास्थल के पास एक ट्रक में राशन लोड किया जा रहा था। फायरिंग की आवाज सुनकर मजदूर दुकान की ओर आए। उन्होंने हत्यारों को भागते हुए देखा तो पीछा करने लगे। मगर तभी एक ने तमंचा तान दिया और फायरिंग करते हुए खेतों की ओर भाग गए।
पिता बोले: दुश्मनों ने भाड़े के बदमाशों से कराई हत्या
दातागंज (बदायूं)। पिता रतिभान गुप्ता का आरोप है कि राकेश गुप्ता की हत्या दुश्मनों ने भाड़े के बदमाशों से कराई है। पुलिस ने शक के आधार पर एक व्यापारी के बेटे को हिरासत में ले लिया है, जिससे पूछताछ चल रही है।
सराफा और कपड़ा व्यापारी राकेश गुप्ता मूलरूप से भाऊ नगला के निवासी थे। पिछले कई साल से वह दुकान के ऊपर आवास बनाकर रहते थे। उनके पिता रतिभान गुप्ता और भाई भाऊनगला गांव में रहते हैं। हत्या की सूचना पर उनके पिता मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि राकेश की हत्या भाड़े के बदमाशों से कराई गई है। उनकी कुछ लोगों से रंजिश चल रही है। इस पर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।
शाम को सुनसान हो जाता है हजरतपुर
हजरतपुर एक बड़ा गांव है जहां थाना मुख्यालय होने से दिन में कुछ रौनक रहती है। कुछ दुकानें होने की वजह से यह छोटा कस्बा जैसा लगता है। ये इलाका रात के समय सुनसान सा हो जाता है। शाम होते ही दुकानें बंद और सड़कें खाली होने लगती हैं। बदमाशों ने इसलिए घटना को अंजाम देने का समय शाम को चुना।
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