बदायूं। दस साल पहले दूध के पैसों के लेनदेन की रंजिश को लेकर की गई हत्या के जुर्म में दो मुजरिमों को अपर सत्र न्यायाधीश दशम डॉ. मोहम्मद इलियास ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 55 हजार का जुर्माना भी डाला है।
थाना गुन्नौर के गांव सिरौरा काजी निवासी चंद्रपाल पुत्र भूपसिंह ने 29 अगस्त 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक 28 अगस्त 2011 की रात वह अपने पुत्र रामभरोसे के साथ अपने घेर में सो रहा था। रात में समय करीब डेढ़ बजे गांव के औतार पुत्र निहाल सिंह और मुकेश पुत्र बादाम सिंह ने दूध के पैसों के लेनदेन की रंजिश के कारण उनके पुत्र रामभरोसे की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने विवेचना के बाद औतार और मुकेश के विरुद्ध कोर्ट में हत्या के मामले में चार्जशीट दाखिल की। एडीजे डॉ. मोहम्मद इलियास ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी सुधीर कुमार मिश्रा और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद हत्या में नामजद औतार और मुकेश को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों मुजरिमों पर 55 हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है। संवाद