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एनडीपीएस एक्ट में दोषी को दस साल कैद, 1.50 लाख जुर्माना

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बदायूं। करीब सात साल पुराने एनडीपीएस के मामले में स्पेशल जज एनडीपीएस एक्ट रविकांत रस्तोगी ने नामजद एक व्यक्ति को दो अलग-अलग मुकदमों में मुजरिम करार दिया है। कोर्ट ने एक मुकदमे में 10 साल की सजा और 1.25 लाख रुपये जुर्माना जबकि दूसरे में उसी मुजरिम को पांच साल की सजा सहित 25 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका है।
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थाना उझानी के तत्कालीन इंस्पेक्टर रामसूरत सिंह ने 17 सितंबर 2014 को रिपोर्ट लिखाई थी। रिपोर्ट के मुताबिक वादी मुकदमा कस्बा उझानी में शांति व्यवस्था और चेकिंग में व्यस्त थे। तभी मुखबिर खास ने सूचना दी कि मोहल्ला गद्दी टोला में एक व्यक्ति चरस और स्मैक बेच रहा है। मुखबिर की सूचना पर विश्वास करके इंस्पेक्टर ने पुलिस पार्टी के साथ मौके पर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। जिसने अपना नाम निहालउद्दीन पुत्र जैनुद्दीन निवासी मोहल्ला गद्दी टोला हाल निवासी रिलायंस पेट्रोल पंप के पास कस्बा व थाना उझानी बताया। जामा तलाशी लेने पर उसके पास से 105 पुड़िया स्मैक और एक किलो चरस बरामद की गई।
पुलिस ने विवेचना के बाद निहालउद्दीन के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। स्पेशल जज एनडीपीएस एक्ट रविकांत रस्तोगी ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक एनडीपीएस एक्ट अतुल कुमार सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी निहालउद्दीन को मुजरिम करार दिया। कोर्ट ने निहालउद्दीन को एक मामले में 10 साल की कैद की सजा सुनाई और एक लाख 25 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका दूसरे मामले में भी निहालउद्दीन को पांच साल की सजा सहित 25 हजार रुपये का जुर्माना डाला है।
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