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स्कार्पियो लूटने के बाद दिल्ली के ड्राइवर की चाकू घोपकर हत्या

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बदायूं। बिनावर के दो अफीम तस्करों ने दिल्ली से बुक करके लाई स्कार्पियो के ड्राइवर की गले में चाकू घोंपकर हत्या कर दी और उसके शव को कुरऊ गांव के नजदीक एक गड्ढे में फेंक दिया। शुरू में मृतक की पहचान को लेकर परेशान पुलिस को जल्द ही खुलासे की राह मिल गई। इसके बाद सिविल लाइन पुलिस के हिस्से का गुडवर्क मूसाझाग पुलिस की झोली में जा गिरा और उसके दोनों तस्करों को दबोचकर हत्या की कहानी साफ कर दी। पुलिस ने लूटी गई स्कार्पियो भी बरामद कर ली है। गुडवर्क से पहले आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
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सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में रविवार रात कुरऊ गांव के विद्युत उपकेंद्र के नजदीक गड्ढे से एक युवक का शव बरामद हुआ था। स्थानीय लोग अपने खेतों से लौट रहे थे। तभी उन्होंने शव गड्ढे में पड़ा देखा था। इस पर उन्होंने सिविल लाइन थाना पुलिस को सूचना दी। इससे पुलिस ने युवक का शव मोर्चरी में रखवा दिया। इसके साथ ही पहचान और छानबीन करने में जुट गई।
इधर, मूसाझाग थाना पुलिस के मुताबिक रविवार तड़के मूसाझाग थाना क्षेत्र में ग्राम मनिकापुर कौर के नजदीक खाई में स्कार्पियो पलट गई थी। इसमें तीन लोग सवार थे। इनमें एक युवक बेहोश था। ये देखकर पुलिस ने उन्हें जिला अस्पताल भेज दिया था। बेहोश शख्स को उसके साथी जिला अस्पताल न ले जाकर घटपुरी के सीएचसी ले गए। यहां डॉक्टर ने फिर उसे जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। फिर भी ये लोग उसे जिला अस्पताल नहीं ले गए। बताते हैं कि इसी व्यक्ति की साथ मौजूद लोगों ने पहले गला दबाकर और फिर चाकू से गला गोदकर हत्या कर दी। फिर शव बिल्सी रोड पर सिविल लाइन क्षेत्र में फेंक दिया।
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सोमवार दोपहर में मूसाझाग पुलिस ने यह गाड़ी खाई से निकलवाकर अपने कब्जे में ले ली। पुलिस वहां से गाड़ी थाने ला रही थी कि वही दो लोग मौके पर पहुंच गए और पुलिस से अपनी गाड़ी देने को कहा। पुलिस ने उनसे तीसरे साथी के बारे में पूछा जो उस दिन बेहोश था। उन्होंने बताया कि हमने उसे बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। शक के आधार पर पुलिस ने छानबीन कराई तो बरेली के संबंधित अस्पतालों में ऐसा कोई शख्स नहीं मिला।
सख्ती से पूछताछ में टूटे, हत्या की बात कबूली
मूसाझाग पुलिस ने जब दोनों युवकों से सख्ती से पूछताछ की तो हत्या का भेद खुल गया। दोनों ने अपना साजिम, व अमन खान निवासी गांव चंदौरा थाना बिनावर बताया। कहा कि वह अफीम तस्करी का काम करते हैं। अफीम ले जाने के लिए इन्हें बड़ी गाड़ी की जरूरत थी। इसलिए तीन दिन पहले वह दिल्ली गए और वहां से दिल्ली के जनता मजदूर कॉलोनी एच- 203 निवासी परवेज की स्कार्पियो गाड़ी आगरा के लिए बुक की। दो दिन आगरा घूमे और शनिवार शाम बदायूं लौट आए। अपने गांव पहुंचे और फिर गाड़ी को बदायूं बरेली की सीमा पर ले गए। वहां शनिवार रात परवेज का गला दबा दिया। इससे वह बेहोश हो गया। इसी दौरान पुलिस की गश्ती गाड़ी आती दिखाई दी तो वह घबरा गए और गाड़ी में परवेज को डालकर मूसाझाग दिशा में चले गए। वह हड़बड़ी में तेज रफ्तार से गाड़ी ले जा रहे थे। वहां मनिकापुर कौर के पास गाड़ी पलट गई।
सांसें चलती देखीं तो चाकू घोंपकर मारा
आरोपियों ने बताया कि गला घोटने के बाद परवेज बेहोश हो गया था। उसे पुलिस के सामने उन्हें अपना साथी बताना पड़ा। पुलिस ने उन्हें जिला अस्पताल जाने को कहा। वह परवेज का इलाज कराते तो वह सही होकर उन्हीं के खिलाफ बयान दे देता। तब उन्होंने बिल्सी रोड पर ले जाकर उसकी चाकू से हत्या कर दी। वह स्कार्पियो को ले जाना चाहते थे पर फंस गए।
दोनों के पिता हैं हिस्ट्रीशीटर
आरोपी साजिम का पिता रफी व अमन का पिता किश्वर दोनों ही बिनावर थाने के हिस्ट्रीशीटर रह चुके हैं। इस लिहाज से ये दोनों भी अपराध करने लगे। दोनों ही नशे के सौदाकर हैं और अफीम व गांजे के सप्लायर हैं। इनका फुफेरा भाई शाहरुख भी यही धंधा करता है। उसी ने इनसे गाड़ी की जुगाड़ करने को कहा था।
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