बदायूं/ दबतोरी। बिसौली कोतवाली क्षेत्र के चर्चित गांव संग्रामपुर का रहने वाला हवाला का धंधेबाज तौहीद दिल्ली से पकड़ा गया है। उसके खिलाफ बरेली की आंवला कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज है। आंवला पुलिस उसे लंबे समय से तलाश कर रही थी। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
बिसौली इलाके के ग्राम संग्रामपुर का रहने वाला तौहीद बेहद शातिर साइबर ठग है। कई प्रदेशों में ठगी के मामलों में उसका नाम आ चुका है। हैदराबाद और कोलकाता पुलिस कई बाद बिसौली इलाके में दबिश दे चुकी थी, लेकिन तौहीद नहीं पकड़ा गया। पिछले साल केरल के एक पादरी जुम्मन मनाल के खाते से तीन लाख 57 हजार रुपये की ठगी की गई। एक परिचित महिला के नाम से मदद मांगकर यह रकम उड़ाई गई थी। बाद में पता लगा कि रकम बरेली के आंवला कस्बा स्थत एक बैंक के एक खाते में ट्रांसफर की गई थी। पादरी ने इस सिलसिले में बरेली आईजी और एसएसपी को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की।
एसएसपी के आदेश पर आंवला कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई। छानबीन के दौरान पुलिस ने पता लगाया कि जिस बैंक खाते में रकम ट्रांसफर की गई वो बिसौली इलाके के संग्रामपुर निवासी आकिल नवी का है। पुलिस ने आकिल नवी को केस में नामजद करके विवेचना शुरू कर दी। आंवला थाने के इंस्पेक्टर क्राइम वेदप्रकाश गुप्ता ने आकिल की तलाश में संग्रामपुर में उन दिनों दबिशें दीं। तब भेद खुला कि आकिल नवी काफी गरीब व्यक्ति है। उसे ठगी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उसने बताया कि उन्हें के गांव का तौहीद उनकी आईडी व फोटो कोई काम बताकर ले गया था। इसके बाद पुलिस ने पता किया तो चौंकाने वाली बातें सामने आईं। पता लगा कि तौहीद इस इलाके में साइबर ठगी का मास्टर माइंड है। उसने इसके अलावा कई अन्य प्रदेशों में ऑनलाइन ठगी की घटनाएं की हैं।
पुलिस ने तौहीद की काफी तलाश की पर वह नहीं मिला। तब उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कराया गया। सुरागकशी करती आंवला पुलिस की टीम दिल्ली पहुंची और वहां रविवार शाम तौहीद को पकड़ लिया। उसके दो और साथियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया हैं। इनसे आंवला कोतवाली में पूछताछ की जा रही है।
नाइजीरियन की हड़पी थी रकम
साइबर ठगी के मामले में नाइजीरियन दुनिया भर में चर्चित हैं। शातिर धंधेबाज तौहीद ने उन्हें भी चूना लगा दिया। उसने पहले उनके साथ ठगी का धंधा किया। इस दौरान जब इसके खाते में ज्यादा रकम आ गई, तो इसने नाइजीरियन को चूना लगा दिया। उनसे संपर्क ही काट दिया। तब वर्ष 2016 में दो नाइजीरियन और एक नेपाली महिला उसके घर आई थी। जब तौहीद नहीं मिला, तो उन्हें लौटना पड़ा। उस दिन पुलिस को भी उनकी भनक लग गई थी, लेकिन नाइजीरियन और नेपाली महिला उससे पहले ही निकल गई।
दूसरे प्रदेशों में बैठकर चलाता है धंधा
संग्रामपुर का धंधेबाज तौहीद अक्सर दूसरे प्रदेशों में रहता है। वह अपने गांव में रहकर इस धंधे को अंजाम नहीं देता। बताते हैं कि वह जो मोबाइल चलाता है, उसका नंबर परिवार के सीमित लोगों के पास होता है। इसके अलावा वह किसी को नहीं देता। बाहर जो नंबर चलाता है। वह कभी संग्रामपुर लेकर नहीं आता। इससे पुलिस को उसे पकड़ने में काफी दिक्कत रही।
संग्रामपुर का धंधेबाज दिल्ली से पकड़ा गया है। इसके बारे में हमारे पास सूचना नहीं आई है। ये मामला भी दूसरे जिले का होगा। इससे जिले की पुलिस को जानकारी नहीं दी गई। अगर यहां से कोई संबंध होता है तो उसके बारे में पता करके कार्रवाई करेंगे। - संकल्प शर्मा, एसएसपी