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गुजरात गए धनूपुरा के 52 युवकों को कंपनी ने नौकरी से निकाला

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बदायूं। ज्यादा समय नहीं बीता है जब पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने धनूपुरा में खड़े होकर कहा था कि अवैध शराब का धंधा करने वाले ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जो भी बनेगा, वे करने को तैयार हैं। उस दौरान सिर्फ आश्वासन ही नहीं दिए गए थे, बल्कि कुछ काम भी शुरू किए गए थे। गांव के 52 युवकों को गुजरात की एक कंपनी में नौकरी भी दिलाई गई थी। मगर अब वही युवा फिर से बेरोजगार हो गए हैं। कंपनी ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया है। उनका कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने अपने काम के रुपये मांग लिए थे। उन्हें पैसे तो नहीं दिए गए, उल्टा घर का रास्ता दिखा दिया गया।
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बिल्सी के तत्कालीन सीओ अनिरुद्घ सिंह ने सितंबर 2020 में धनूपुरा और भोजपुर के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने की शुरुआत की थी। उन दिनों दोनों गांव के अधिकतर लोग अवैध शराब का धंधा करते थे। गांव और खेतों में दिन रात कच्ची शराब की भट्ठियां धधकती थीं। गांवों की महिलाएं तक इस काम से जुड़ी थीं। सीओ अनिरुद्घ सिंह ने यह अवैध धंधा बंद कराने अभियान चलाया था। उनकी पहल रंग लाई। फिर उनके अभियान में प्रशासन से लेकर कई नेता जुड़े। सबने कुछ न कुछ मदद करने का आश्वासन दिया। गांव में पंचायत घर, सामुदायिक शौचालय, बरातघर और खेल मैदान का निर्माण शुरू हुआ।
उसी दौरान गांव में वरमोरा एंड गुजरात कंपनी की ओर से एक एनजीओ चलाने वाले दो लोग पहुंचे। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की पहल पर गांव में कैंप लगाया। कंपनी में नौकरी देने के लिए 52 युवकों को चयनित किया गया। इससे गांव के युवक काफी खुश थे। सभी युवक उस कंपनी में काम कर रहे थे। एक माह का वेतन नहीं मिला तो युवकों को आस थी कि दो माह में तो मिल जाएगा। इसके बाद युवकों ने जैसे ही अपना वेतन मांगना शुरू किया कि कंपनी ने उन्हें घर का रास्ता दिखाना शुरू कर दिया। आखिर में कंपनी ने सभी 52 युवकों को नौकरी से निकाल दिया। उनका वेतन भी नहीं दिया गया। अब सभी युवक फिर से बेरोजगार हो गए हैं। सभी युवक हाल ही में गुजरात से लौट आए हैं और इधर-उधर भट्ठों, दुकानों पर मजदूरी कर रहे हैं। युवकों ने इस मामले में थाना पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
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इन युवकों को मिली थी नौकरी
वरमोरा एंड गुजरात कंपनी में विनोद, विशेष, श्रीओम, रवेंद्र, नरेश, विजेंद्र, अनिल, राजेश, रामकिशोर, शिवकुमार, विक्की, सतीश, सुनील, गोपाल, भारत, प्रभु, मलखान, मनोज कुमार, रामप्रसाद, कैलाश, विजय, हुकुम सिंह, राजपाल, पन्नालाल, निर्मल आदि समेत 52 युवकों को नौकरी मिली थी।
धनूपुरा और भोजपुर के युवक गुजरात एक कंपनी में काम करने गए थे। वहां उन्होंने कुछ दिन काम दिया था। युवक बता रहे हैं कि उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है और उनका वेतन भी नहीं दिया गया है। इस संबंध में उन्होंने तहरीर भी दी है। इसकी जांच कर रहे हैं। उसके बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
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प्रयागराज सिंह, एसओ कादरचौक
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