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पहले एसएसआई फिर खुद को गोली मारने वाला सिपाही सस्पेंड, बर्खास्तगी की तैयारी शुरू

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उझानी (बदायूं)। कोतवाली परिसर में पहले एसएसआई (सीनियर सब इंस्पेक्टर) रामऔतार सिंह को और फिर खुद को गोली मारने वाले सिपाही ललित कुमार पर पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई के संकेत मिलने लगे हैं। इसी के तहत देर रात एसपी सिटी प्रवीन कुमार चौहान दोबारा कोतवाली पहुंचे और प्रभारी निरीक्षक समेत कई पुलिस कर्मियों से घटना के हकीकत से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाई। पुलिस अफसरों की नजर इस घटना से जुड़े कुछ ऐसे पहलुओं पर भी है जो सिपाही की पहले की गतिविधियों को उजागर कर सकती हैं। सिपाही को फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही उसकी बर्खास्तगी की कार्रवाई के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। एसएसपी ने पूरे मामले की जांच उझानी सीओ को सौंपी है।
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घायल एसएसआई रामऔतार सिंह का बरेली के अस्पताल में शनिवार को एक और आपरेशन किया गया। एसएसआई को लगीं इंसास रायफल की दो गोलियों में से एक ने उनकी जांघ की हड्डी को फाड़ दिया था। इसका ऑपरेशन सफल रहा। उन्हें फिलहाल आईसीयू में रखा गया है लेकिन हालत में सुधार बताया जा रहा है। इसी तरह डॉक्टरों ने आपरेशन कर सिपाही के शरीर से गोली निकाल दी। उसने खुद पर तीन गोलियां दागी थीं लेकिन एक कारतूस मिस हो गया तो दूसरा कंधे के पास के हिस्से में घंस कर बाहर निकल गई थी। एसएसआई समेत दोनों पुलिस कर्मियों की हालत में सुधार के बीच शुक्रवार देर रात एसपी सिटी प्रवीन कुमार चौहान जब दोबारा कोतवाली पहुंचे तो पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने प्रभारी निरीक्षक ओमकार सिंह समेत कई पुलिस कर्मियों से जानकारी की। इस बात के संकेत मिले कि सिपाही पिछले कुछ दिनों से एसएसआई को टारगेट करने की कोशिश में लगा था। सूत्रों के मुताबिक एसपी सिटी ने हकीकत तक पहुंचने के लिए जानकारी जुटाते समय कई बिंदुओं का शामिल किया।
सिपाही ललित कुमार के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के बाद नियमानुसार उसे सस्पेंड किए जाने की कार्रवाई कर दी गई है। इसका आदेश हालांकि देर शाम तक कोतवाली नहीं पहुंचा लेकिन पुलिस सूत्रों की मानें तो सिपाही को बर्खास्त कराने के लिए कागजी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके पीछे अफसरों का तर्क है कि सिपाही ने एक ऐसी घटना को अंजाम दिया जिसने अनुशासनहीनता के साथ खाकी के दामन पर दाग लगा दिया। बता दें कि सिपाही ललित कुमार ने छुट्टी को लेकर गुस्से में एसएसआई को गोली मारी फिर उन्हें मरा जानकर खुद भी उसी इंसास रायफल से खुदकुशी की कोशिश की। घटना के बाद डीआईजी राजेश कुमार पांडेय ने यहां कर मौका मुआयना किया था। डीआईजी पूरे घटनाक्रम से डीजीपी से लेकर पुलिस हेड क्वार्टर से जुड़े बड़े अफसरों को अवगत करा चुके हैं।
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सिपाही तैश में है.. भांपने में इंस्पेक्टर से भी हो गई चूक
उझानी। एसएसआई रामऔतार को गोली मारकर खुद खुदकुशी की कोशिश करने वाला सिपाही ललित कुमार अपनी छुट्टी मंजूर कराने को आवेदन लेकर इंस्पेक्टर ओमकार सिंह के सामने पेश हुआ था। एसएसआई भी उन्हीं के पास बैठे थे। एसएसआई के प्रति सिपाही की मंशा ठीक नहीं है, यह अन्य पुलिस कर्मियों को पता था लेकिन इंस्पेक्टर को इसकी भनक नहीं लग पाई। यही नहीं, सिपाही ने एसएसआई को टारगेट कर कहासुनी शुरू की तो इंस्पेक्टर समेत मौके पर मौजूद पुलिस कर्मी सख्ती या फिर उसे समझाकर हालात पर काबू पा सकते थे। इसी चूक की वजह से महज पांच-छह मिनट में हालात इस कदर बिगड़े कि सिपाही ने एसएसआई पर फायरिंग शुरू कर दी।
एसआई को सौंपी एसएसआई को गोली मारने की विवेचना
उझानी। शुक्रवार सुबह में एसएसआई को गोली मारने में सिपाही ललित कुमार के खिलाफ पुलिस ने हेड मोहर्रिर ऋषिपाल सिंह की ओर से नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई। चूंकि घटना में आईपीसी की धारा-307 के तहत कार्रवाई हुई है, इसलिए घटना की विवेचना दरोगा लोकेंद्र भाटी को सौंपी गई है। इंस्पेक्टर ओमकार सिंह ने बताया कि कोतवाली परिसर में हुई घटना की रिपोर्ट की विवेचना दरोगा को दी गई है। बताते हैं कि विवेचना में घटना को लेकर कोई तथ्य सामने आएगा तो उसे भी शामिल किया जाएगा।
शक के दायरे में आई महिला कांस्टेबल
उझानी। एसएसआई और सिपाही के बीच शुक्रवार को हुई घटना के अन्य कारणों पर गौर करें तो सिपाही के मन में एसएसआई के प्रति गुस्से की शुरुआत करीब आठ दिन पहले हो गई थी। बताते हैं कि कोतवाली में तैनात एक महिला कांस्टेबल से नजदीकियां देख एसएसआई ने संज्ञान लिया था। एक बार तो उन्होंने सिपाही से यहां तक कह दिया था कि इस तरह के मामलों से खाकी की छवि खराब हो जाती है। एसएसआई ने उसे चेतावनी तक दे डाली थी कि भविष्य में इस तरह का कोई मामला सामना न आए। बताया जाता है कि यह बात अफसरों तक भी पहुंच गई है लेकिन अफसर इसे लेकर अभी चुप्पी साधे हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
सिपाही के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उसकी जांच कोतवाली के ही एक दरोगा से कराई जा रही है। बाकी इस पूरे मामले की जांच सीओ उझानी को सौंपी गई है। इस दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हें जांच में शामिल किया जाएगा। पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद सिपाही को बर्खास्त किया जाएगा। - संकल्प शर्मा, एसएसपी
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