उझानी (बदायूं)। तीन दिन पहले कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में एक ही नंबर के दो ट्रकों के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने मंगलवार को फर्जी नंबर प्लेट वाले दूसरे ट्रक के मालिक का नाम भी ट्रेस कर लिया। ट्रक मालिक मुरादाबाद जिले के बनियाठेर के गांव बरौली रुस्तमपुर का अंशू निकला। पुलिस ने अब अंशू की गिरफ्तारी के लिए कोशिश शुरू कर दी है लेकिन यह साफ नहीं हो पाया है कि उसने अपने ट्रक पर बबराला के दानवीर के ट्रक का नंबर को क्यों लिखवाया या फिर दोनों के बीच कोई गुप्त समझौता था जो एक ही नंबर पर दोनों ट्रक चलते रहे।
मंडी समिति में रविवार को एक ही नंबर के जो दो ट्रक पकड़े गए, उनमें अंग्रेजी में लिखी नंबर प्लेट वाला ट्रक बबराला में लेखपाल कालोनी निवासी दानवीर सिंह का था। उसका रजिस्ट्रेशन नंबर यूपी 38 टी- 3362 था। इसी नंबर की हिंदी में लिखी प्लेट लगे ट्रक के चेसिस नंबर के आधार पर पुलिस ने तहकीकात को आगे बढ़ाया तो उसका असली नंबर यूपी 21 बीएन-7399 सामने आया। इस ट्रक का मालिक मुरादाबाद जिले में बनियाठेर थाना क्षेत्र के गांव बरौली रुस्तमपुर निवासी अंशू पुत्र रामबहादुर है। फर्जी नंबर प्लेट वाले ट्रक के असली कागज भी पुलिस को मिल गए हैं। ट्रक चालक संभल जिले में रजपुरा निवासी रूपसिंह ने तो पुलिस को यही बताया है कि पिछले कई महीनों से एक ही नंबर पर दोनों ट्रक चल रहे थे।
फर्जी नंबर प्लेट वाले ट्रक के बारे में हकीकत सामने आने के बाद कई सवाल गोरखधंधे की ओर भी इशारा कर रहे हैं। चालक की इस बात को सही मान लिया जाए तो दोनों ट्रक मालिकों के बीच जरूर कोई राज छिपा है जो अभी तक उजागर नहीं हो पाया है। वैसे, ऐसे मामले उसी समय सामने आते हैं जब कोई व्यक्ति ट्रांसपोर्टर के जरिए अपने वाहन को बेच चुका होता है लेकिन किन्ही कारणों से वाहन को अपने नाम ट्रांसफर नहीं करा पाता। इसमें भी काफी हद तक ऐसा ही मामला सामने आ सकता है। इसकी हकीकत पर से पर्दा भी उसी दिन उठेगा जब ट्रक मालिक अंशू पकड़ा जाए। इधर, प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार चाहर ने बताया कि अंशू की गिरफ्तारी के लिए कोशिश शुरू कर दी गई है। जल्द ही वह पुलिस की पकड़ में होगा।