अलापुर। पूर्व ब्लॉक प्रमुख पातांजलि भारद्वाज के भाई पंकज और भतीजे काकू उर्फ परीक्षित भारद्वाज के खिलाफ जानलेवा हमले के मामले को पुलिस ने हत्या की धाराओं में तरमीम कर लिया है। इधर, चर्चा है कि पुलिस ने पंकज भारद्वाज को थाने से ही छोड़ दिया, जबकि परीक्षित को जेल भेज दिया।
अलापुर कस्बे के वार्ड नंबर नौ का इतवारी कुछ लोगों के साथ मंदिर के पास जुआ खेल रहा था। इसको लेकर रविवार को इतवारी और परीक्षित का झगड़ा हो गया था। परीक्षित ने इतवारी को पीट दिया। इतवारी की मां फूला देवी समेत कई लोग शिकायत लेकर परीक्षित के घर पहुंच गए। आरोप है कि यहां पंकज और परीक्षित ने फायरिंग कर दी। गोली लगने से फूला घायल हो गई। फूला के पति रामदीन ने पंकज और परीक्षित के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सोमवार रात जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। मंगलवार को पुलिस ने मामला हत्या की धाराओं में तरमीम कर लिया। इधर कस्बे में चर्चा है कि पुलिस ने परीक्षित और पंकज दोनों को हिरासत में लिया था। पंकज को थाने से ही छोड़कर परीक्षित को जेल भेज दिया गया। एसओ कृष्णगोपाल शर्मा का कहना है कि मामला तरमीम कर लिया गया है। एक ही आरोपी की गिरफ्तारी हुई थी। उसे जेल भेज दिया गया। किसी को छोड़ने की बात गलत है।