बदायूं। पांच साल पुराने हत्या के मामले में जिला सत्र न्यायाधीश जफीर अहमद ने एक युवक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 52 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा है कि मुजरिम को अंतिम सांस तक कारावास में रखा जाए।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव बस्तरा निवासी साबिर बेग पुत्र इकरार बेग ने 18 जून 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके मुताबिक वह अपने पिता इकरार बेग, फुफेरे भाई आरिफ, छोटे भाई तारिक़ और गांव के अन्य लोगों के साथ अपनी चौपाल पर बैठा था। तभी गांव का जाहिद उर्फ पप्पू खां पुत्र मकसूद आया और गाली गलौज करते हुए धमकी देने लगा कि तुमने मेरे खेत की फसल को पानी नहीं दिया, अभी मजा चखाता हूं। जाहिद उर्फ पप्पू अपने घर से तमंचा लेकर आया और चौपाल पर आकर उसके पिता इकरार बेग को गोली मार दी, इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने विवेचना के बाद हत्यारोपी जाहिद उर्फ पप्पू के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। जिला सत्र न्यायाधीश जफीर अहमद ने अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल सिंह राठौड़ और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने जाहिद को हत्या के मामले में मुजरिम करार देते हुये आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर 52 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।