बदायूं। करीब सात साल पहले पशुओं को चारा लेने गई महिला से दुष्कर्म करने के मामले में नामजद एक युवक को फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश गोपाल ने मुजरिम ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने युवक पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
थाना इस्लामनगर क्षेत्र की रहने वाली एक महिला के 156 (3) सीआरपीसी के प्रार्थना पत्र के जरिये रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 25 अगस्त 2015 की शाम चार बजे के करीब खेत पर पशुओं के लिए चारा लेने गई थी। तभी वहां पर पहले से ही मौजूद गांव के एक व्यक्ति ने उसको बुरी नीयत से पकड़कर चाकू के बल पर उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला के शोर मचाने पर गांव के कुछ लोग आ गए, जिनके ललकारने पर वह व्यक्ति जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया। पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बाद रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की और युवक के खिलाफ दुष्कर्म के जुर्म में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश गोपाल ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी मुनेंद्र प्रताप सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में नामजद युवक को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।