बदायूं। स्मैक के साथ पकड़े गए व्यक्ति को स्पेशल जज एनडीपीएस एक्ट रविकांत ने दोषी ठहराते हुए चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी व्यक्ति पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि जुर्माने की रकम जमा न करने पर मुजरिम को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।
थाना वजीरगंज के तत्कालीन एसओ अनिल कुमार यादव ने 12 अगस्त 1993 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार जब एसओ पुलिस बल के साथ रोडवेज बस स्टैंड वजीरगंज पर पहुंचे तभी मुखबिर ने सूचना दी कि चार व्यक्ति स्मैक लेकर बेचने जा रहे हैं। पुलिस बल ने चार व्यक्तियों झम्मन लाल पुत्र शोभाराम, किशन पाल पुत्र जागन सिंह निवासीगण वजीरगंज, मीर हसन पुत्र वहीद अहमद तथा इकराम पुत्र याकूब निवासीगण मुजफ्फरनगर को मौके से गिरफ्तार किया। पुलिस ने चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।
पुलिस ने विवेचना के बाद सभी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे के दौरान झम्मन लाल की मृत्यु हो गई। मीर हसन और इकराम के गैरहाजिर होने के कारण उनकी पत्रावली अलग कर दी गई।
स्पेशल जज रविकांत ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अतुल कुमार सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने नामजद आरोपी किशन पाल को मुजरिम करार देते हुए चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।