बदायूं। विशेष न्यायाधीश आर्थिक अपराध / एसीजेएम द्वितीय संगीता ने मिलावटी दूध की बिक्री करने के 23 साल पुराने एक मामले में दूधिए को एक साल की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मामला 28 सितंबर 1999 उझानी कोतवाली क्षेत्र का है। सीएमओ बदायूं के आदेश पर खाद्य पदार्थ में मिलावट रोकने के लिए एक टीम गठित की गई थी। तत्कालीन खाद्य निरीक्षक एके दीक्षित जब अपनी टीम के साथ कस्बा उझानी में कोतवाली के नजदीक पहुंचे तो एक दूधिया साइकिल पर लोहे के डिब्बों में दूध बेचता मिला। खाद्य निरीक्षक ने डिब्बे में से दूध निकलवा कर सैंपल लिया और उसका नाम पता पूछा, तो उसने अपना नाम मनोहर पुत्र बेनीराम निवासी बसोमा कोतवाली उझानी बताया। खाद्य निरीक्षक ने दूध के सैंपल को जांच को भेजा। जांच रिपोर्ट में सैंपल मानक के अनुरूप नहीं पाया गया। खाद्य निरीक्षक ने सीएमओ की स्वीकृति के बाद कोर्ट में मुकदमा दायर किया। विशेष न्यायाधीश आर्थिक अपराध संगीता ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुनने के बाद मनोहर को एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। उस पर दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।