बदायूं। लॉकडाउन के दौरान सहसवान में पुलिस-प्रशासन की सख्ती सफल रही। सहसवान इलाका काफी हद तक सुधार के करीब है। वहां मिला एक कोरोना संक्रमित लगभग ठीक हो चुका है। वहीं के दूसरे संक्रमित की पहली रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। वहां सर्वे का काम लगभग पूरा हो चुका है। पिछले तीन-चार दिन से कोई संदिग्ध मरीज सामने नहीं आया है। सहसवान कस्बे के किसी व्यक्ति की रिपोर्ट भी बाकी नहीं रही। हालांकि भवानीपुर खल्ली गांव के 17 लोगों के सैंपल की जांच रिपोर्ट आना बाकी है। अगर निगेटिव आती है तो सहसवान कस्बे को ग्रीन सिग्नल मिल सकता है।
जिले में कोराना की शुरूआत सहसवान कस्बे से हुई थी। वहां पहला कोरोना संक्रमित छह अप्रैल को मिला था, जो मुंबई का रहने वाला है। इसके बाद पूरे सहसवान कस्बे को सील कर दिया गया था। कस्बे में आने जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए थे। इसका फायदा यह मिला कि संक्रमित व्यक्ति ज्यादा लोगों से नहीं मिला सका। उसके पांच साथियों को तुरंत जिला अस्पताल में क्वारंटीन कर दिया गया था। इसके चार दिन बाद यानी दस अप्रैल को भवानीपुर खल्ली में दूसरा संक्रमित मिला, जो आंध्र प्रदेश का निवासी है। 14 अप्रैल को तीसरा संक्रमित भवानीपुर खल्ली में और चौथा संक्रमित 15 अप्रैल को सहसवान कस्बे में मिले थे। पांचवां संक्रमित 19 अप्रैल को भवानीपुर खल्ली में मिला। सहसवान कस्बे में संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वालों की संख्या काफी कम रही, लेकिन भवानीपुर खल्ली में लोग एक-दूसरे के संपर्क में रहे। इससे वहां संक्रमितों की संख्या बढ़ती गई है। इन संक्रमितों के संपर्क में आने वाले करीब दो सौ से ज्यादा लोगों को होम क्वारंटीन किया गया। अब तक सहसवान कस्बे में जो संक्रमित निकले उनके संपर्क में आने वाले लोगों की संख्या निल हो चुकी है। जबकि भवानीपुर कस्बे के 17 लोगों के सैंपल जांच को गए हैं। उनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इलाके की स्थिति का पता चलेगा। अगर भवानीपुर खल्ली में कोई संक्रमित निकलता है तो भी सहसवान कस्बे को ग्रीन जोन में शामिल कर लिया जाएगा।
सहसवान कस्बे की स्थिति काफी सुधर गई है, लेकिन भवानीपुर खल्ली में 17 लोगों के सैंपल जांच को गए हैं। उनकी जांच रिपोर्ट आने पर पता चलेगा कि स्थिति क्या रहेगी। फिलहाल रिपोर्ट आने का इंतजार है। - लालबहादुर सिंह, एसडीएम सहसवान