उझानी में नगर पालिका गेट पर धरना देते कांग्रेस कार्यकर्ता। संवाद
उझानी। नरऊ तालाब का दो बार बंधा कट जाने के बाद ग्रामीणों के खेतों में फसल के नुकसान से बिफरे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका गेट के मुख्य द्वार पर धरना दिया। ग्रामीणों के साथ प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी भी की। उन्होंने नायब तहसीलदार और ईओ को ज्ञापन देकर कहा है कि समाधान नहीं खोजा तो वह नाले का पानी बंद कर देंगे।
नगर पालिका परिषद कार्यालय के मुख्य द्वार पर जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने सोमवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे धरना शुरू किया। जिलाध्यक्ष ने नाले के पानी से फसलों के नुकसान के लिए नगर पालिका समेत अफसरों को जिम्मेदार ठहराया।
कहा कि नरऊ के अलावा मीहलालनगला, मलिकपुर और अचौरा निवासी ग्रामीणों को तालाब के पानी की वजह से काफी नुकसान हो चुका है। तालाब में ओवरफ्लो के कारण दो बंधे कट गए थे। बंधा की मरम्मत के नाम पर सिर्फ औपचारिकता ही पूरी की गई।
करीब तीन घंटे तक चले धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। दो बजे नायब तहसीलदार अमित कुमार पालिका कार्यालय पहुंचे। उन्हें कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन भी दिया। ज्ञापन के जरिये उन्होंने फसल नुकसान का किसानों को मुआवजा दिलाने और कार्रवाई नहीं होने पर तालाब से पहले पालिका के नाले का पानी बंद करने की चेतावनी दी। प्रदर्शनकारियों में वीरेश तोमर, वीरपाल यादव, अरुण पाराशर, मुजाहिद रजा, अवधेश श्रीवास्तव, शैलेंद्र कुमार, डॉ. खलील अहमद और जाबिर अंसारी समेत अचौरा, मलिकपुर समेत मलिकपुर के ग्रामीण मौजूद रहे।
ईओ बोले- प्लांट बनने से होगा स्थायी समाधान
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह समेत उनके साथ मौजूद कार्यकर्ताओं से पालिका कार्यालय में वार्ता के दौरान ईओ अब्दुल शबूर ने भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि नरऊ तालाब का स्थायी समाधान तो पहले ही खोज लिया गया है। इसके तहत बुटला के पास एक प्लांट बनना है। प्लांट तक तालाब का पानी पहुंचेगा। इसके बाद तालाब में ओवरफ्लो नहीं होगा।