राणा शुगर मिल करीमगंज (रामपुर) में स्थापित क्रय केंद्रों पर वर्ष 2010 से 2015 तक खरीदे गए गन्ने की समिति भुगतान पर्चियों को गन्ना समिति सचिवों द्वारा कूड़े के ढेर में फेंके जाने को डीएम शंभूनाथ ने गंभीरता से लिया है और मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित कर पूरे प्रकरण की जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को डीएम विकास भवन स्थित सभाकक्ष में आयोजित किसान दिवस में किसानों की समस्याएं सुन रहे थे। गुलडिय़ा निवासी चिरंजीव सिंह ने शिकायत की कि राणा शुगर मिल द्वारा जिले में स्थापित क्रय केंद्रों पर वर्ष 2013-14 में सात लाख चवालीस हजार क्विंटल गन्ना खरीदा गया था। गन्ने की अवैध खरीद करने के लिए गन्ना विकास समितियों के सचिवों द्वारा लगभग पांच-छह वर्ष की गन्ना समिति भुगतान पर्ची कूड़े के ढेर में फेंक दीं। इनमें वर्ष 2010-11 की समिति भुगतान पर्ची कूड़े में उन्हें मिलीं हैं। डीएम ने प्रकरण को अत्यंत गंभीर मानते हुए मजिस्ट्रेट द्वारा जांच कराने के निर्देश दिए हैं। प्रेम सिंह ने शिकायत की कि उसने अक्तूबर,14 में राम मनोहर लोहिया सामूहिक नलकूप योजना के तहत लघुु सिंचाई विभाग में आवेदन किया था अब तक नलकूप नहीं लगाया गया है। ग्राम ईकरी वसियानी निवासी के वीरेंद्र ने सरकारी नलकूप-140 की पाइप लाइन टूटी होने की शिकायत की। राजवीर ने निजी नलकूप के गत दिनों आई आंधी में पोल टूट जाने की शिकायत की। कहा कि फसलें सूख रही हैं। पोल ठीक नहीं हुए हैं।
किसान दिवस में मौजूद रहे अधिकारी
किसान दिवस में डीडीओ प्रदीप कुमार सोम, उप निदेशक कृषि डॉ. अमर नाथ मिश्रा, सीवीओ डॉ. डबल सिंह, जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह, एक्सईएन अतुल कुमार एवं जिला उद्यान अधिकारी आरएन वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
पिछले किसान दिवस में तीन शिकायतों का निस्तारण नहीं
डीएम ने किसान दिवस में प्राप्त सभी शिकायतों का एक सप्ताह में निस्तारण करने के सख्त निर्देश दिए।15 अप्रैल,15 को आयोजित किसान दिवस में पांच शिकायतें प्राप्त हुई थीं जिसमें दो शिकायतों का निस्तारण हो चुका है और विद्युत, उप निदेशक मंडी एवं बीज विकास निगम बरेली से संबंधित एक-एक शिकायत निस्तारण को शेष पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की है।