राजकीय महिला महाविद्यालय में आयोजत कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं।स्रोत:संस्थान
बदायूं। राजकीय महिला महाविद्यालय में नव प्रवेशित छात्राओं के स्वागत के लिए दीक्षारंभ समारोह का आयोजन किया गया। वहीं, छात्राओं को आत्मनिर्भरता और शिक्षा के महत्व के बारे में बताया गया।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. वंदना ने कहा कि यह अवसर उनके जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय न केवल ज्ञान का मंदिर है, बल्कि एक ऐसा मंच है जहां छात्राओं का सर्वांगीण विकास होता है। उन्होंने छात्राओं को आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि डॉ. ममता नौगरैया ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण और आत्मबल को जाग्रत करने की कुंजी है। कार्यक्रम में डॉ. ऋषभ भारद्वाज ने महाविद्यालय- एक झलक विषय पर पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से महाविद्यालय की अकादमिक और सांस्कृतिक गतिविधियों, सुविधाओं और उपलब्धियों को विस्तार से प्रस्तुत किया। वहीं, डॉ. भावना सिंह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की विशेषताओं पर प्रकाश डाला और बताया कि यह नीति छात्र-केंद्रित और कौशल-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करती है। डॉ. बृजेश कुमार ने विज्ञान संकाय और डॉ. सरिता गौतम ने वाणिज्य संकाय की विस्तृत जानकारी दी, जिससे छात्राओं को पाठ्यक्रम चयन में मार्गदर्शन मिला।
राजकीय महिला महाविद्यालय में आयोजत कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं।स्रोत:संस्थान