-डीएम ने किया निरीक्षण, साफ-सफाई के निर्देश दिए
-अध्यक्ष, राजस्व परिषद को भेजी जाएगी रिपोर्ट, नया बनेगा
कलक्ट्रेट के 153 साल पुराना राजस्व अभिलेखागार अब ओवरलोड हो चुका है। इसमें इतना रिकॉर्ड भरा है कि अब और रिकॉर्ड रखने के लिए स्थान नहीं बचा। इसको देखते हुए डीएम ने नया अभिलेखागार बनाने के निर्देश दिए हैं। तय हुआ है कि अब नया अभिलेखागार इतना बड़ा बनाया जाएगा कि उसमें पुराने रिकॉर्ड के अतिरिक्त अगले 20 साल तक का रिकॉर्ड रखा जा सकेे।
बुधवार को डीएम अनिता श्रीवास्तव ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व हवलदार यादव तथा कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के अभियंताओं के साथ मौजूदा राजस्व अभिलेखागार का स्थलीय निरीक्षण किया। राजस्व अभिलेखागार में बस्तों पर धूल जमा होने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए नियमित साफ-सफाई की हिदायत दी। उन्होंने पुराने बस्तों के कपड़े भी शीघ्र बदलवाने के निर्देश दिए। अभिलेखागार में बारह परगना के अभिलेख सुरक्षित हैं। इस भवन का निर्माण सन 1864 में हुआ था। डीएम ने कहा कि प्रस्तावित अभिलेखागार का आकार इतना विशाल होगा कि इसमें राजस्व अभिलेखों के अलावा इंग्लिश एवं न्यायिक अभिलेखों का भी रिकॉर्ड एक स्थान पर सुरक्षित रखा जा सके। डीएम ने प्रस्तावित स्थान पर जहां अभिलेखागार बनाया जाएगा, उसका भी मौका मुआयना किया। उन्होंने निर्देश दिए कि अभिलेखागार के निर्माण के लिए राजस्व परिषद के अध्यक्ष की ओर से मांगी गई रिपोर्ट को अतिशीघ्र भेजा जाए। इस अवसर पर कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर ओपी सिंह, एई नीरज गोस्वामी, नाजिर सदर मुमताज सिद्दीकी एवं ब्रजेश शर्मा भी मौजूद रहे।