मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में दंगे होते थे, महीनों कर्फ्यू लगा रहता था। अब प्रदेश में दंगा और कर्फ्यू नहीं है। लोग भी अब कहते हैं कि क्यों हो दंगा, आज यूपी में है सब चंगा। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले लोग भयभीत होकर प्रदेश की सड़कों पर निकलते थे। बेटियां और बहनें सिर झुकाकर और अपराधी सीना तानकर चलते थे, लेकिन 2017 के बाद व्यापारी और समाज के संभ्रांत नागरिक, बेटियां और बहनें सड़कों पर सिर उठाकर चलती हैं। माफिया का यहां जीना हराम हो गया है।
सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
पूरे भाषण में मुख्यमंत्री का फोकस प्रदेश और केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर ही रहा। उन्होंने कहा कि पहले जहां गोकशी के समाचार मिलते थे वहीं आज गोआश्रय स्थल खोले जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश की पहचान आज दंगों से नहीं, दीपोत्सव और रंगोत्सव से होती है। पहले परिवारवादी लोग युवाओं के हाथों में तमंचे पकड़वाते जाते थे। आज युवाओं को टैबलेट दिए जा रहे हैं। युवाओं का टैलेंट पहचान कर उनके माध्यम से विकास को घर-घर पहुंचाने का काम भाजपा कर रही है।