इस मौके पर एडीओ पंचायत जगत सतीश शर्मा ने निर्मल भारत अभियान की जानकारी दी। बताया कि 2012 में निर्मल भारत अभियान की घोषणा की गई, जिसमें 2022 तक अभियान की पूर्ति का लक्ष्य रखा गया। बाद में 2014 में सरकार ने इसका नाम बदलकर स्वच्छ भारत अभियान रख दिया है। इस अभियान के तहत समग्र ग्रामों में कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। प्रत्येक गांव में बायो गैस का काम जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को सिर्फ शौचालय निर्माण तक ही सीमित न करें। लोगों को स्वच्छता बनाये रखने तथा स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता के लिए प्रेरित करें। गांव वालों के लिए अपने-अपने पेयजल की जांच कराने को प्रेरित करें। जिस हैंडपंप के जल में नाइट्रेट पाई जाए उस नल का पानी इस्तेमाल न करें।
उन्होंने कहा कि बच्चों और खुद को बीमारी से बचाने के लिए घरों में शौचालय बनाना बहुत ही आवश्यक है। 80 प्रतिशत बीमारियां अस्वच्छता के कारण ही होती हैं। इस अवसर पर एडीओ पंचायत वजीरगंज राजनारायण सिंह ने पर्यावरण स्वच्छता तथा व्यक्तिगत स्वच्छता पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में एडीओ पंचायत राजनारायण सिह, सीडीपीओ अल्पना जौहरी, विकास खंड के समस्त ग्राम विकास अधिकारी तथा सचिव, तकनीकी सहायक, रोजगार सेवक मौजूद रहे।