जिले में पुनरीक्षण के समय कई जगह 85 प्रतिशत से अधिक तक मतदाता हो गए थे। चुनाव आयोग का मानना है कि आबादी के 65 प्रतिशत से अधिक मतदाता नहीं हो सकते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए जहां अधिक मतदाता थे, वहां मतदाताओं के नाम अलग किए गए। पुनरीक्षण का काम पूरा हो चुका है। अब दावे-आपत्तियों का आना जारी है। ब्लाक और तहसील मुख्यालयों पर दावे-आपत्तियों की मानो बाढ़ सी आ गई है। निर्वाचन विभाग का मानना है कि इसमें अधिकतक राजनीतिक कारणों से दावे-आपत्तियां आती हैं। केवल 20 प्रतिशत ही दावे-आपत्तियां सही होती हैं। सभी संबंधितों को वोटर लिस्टों की दावे-आपत्तियों पर विशेष निगरानी और समाधान को कहा गया है।
दो लाख से अधिक नाम काटे जा चुके
बदायूं। पुनरीक्षण कार्य में 4,12,228 मतदाताओं की जिले में वृद्धि हुई थी और 2,18,048 अवैध नाम काटे गए थे। इस प्रकार शुद्ध वृद्धि 1,94,180 मतदाताओं की हुई है। पुनरीक्षण में यह भी ध्यान रखा गया है कि किसी गांव में 65 प्रतिशत से अधिक मतदाता न होने पाएं। बावजूद इसके जिले में 65.59 प्रतिशत तक मतदाताओं की संख्या हो चुकी है। अब दावे-आपत्तियों के बाद सही स्थिति बन सकेगी।
बदायूं। गुरुवार तक दाखिल हो सकते हैं। वोटर लिस्टों का पुनरीक्षण कार्य पूरा हो चुका है। 20 अगस्त तक दावे-आपत्तियों का अंतिम दिन है। इसके बाद सुनवाई में कम से कम छह-सात दिन लग जाएंगे। पांच सितंबर को वोटर लिस्टों का अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा। 26 अगस्त से तीन सितंबर तक कंप्यूटर पर वोटर लिस्टों की लोडिंग की जाएगी।
ब्लाक और तहसीलों पर दावे-आपत्तियों के निस्तारण में सभी को पूरी पारदर्शिता के साथ काम करने को कहा गया है, ताकि विशुद्ध वोटर लिस्ट की फीडिंग हो सके। किसी प्रकार के राजनीतिक दबाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा। जो शिकायतें आ रही हैं, उनकी जांच कराकर उन्हें दुरुस्त कराने का काम चल रहा है।
- प्रमेंद्र सिंह पटेल, सहायक निर्वाचन अधिकारी, पंचायत चुनाव