बदायूं। बृहस्पतिवार को सुबह से ही बादल छाए रहे और बूंदाबांदी होती रही। इस वजह से विकास भवन में कम संख्या में ही फरियादी पहुंचे। जो पहुंचे उनकी सुनने के लिए सुबह साढ़े दस बजे तक कई अधिकारी अपने कार्यालय की सीट पर नहीं था। ऐसे में जो इक्का दुक्का फरियादी आए भी, वे भी इधर उधर उन्हें ढूंढते और दूसरों से उनके बारे में मालूमात करते दिखे। यहां बता दें कि सीडीओ और पीडी डीआरडीए विभागीय कार्य से जिले से बाहर थे।
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश हैं कि जिले के अधिकारी समय से अपने-अपने कार्यालयों में पहुंचें और जनशिकायतों को सुनें, लेकिन यहां इस निर्देशों का अनुपालन नहीं हो रहा।
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कुछ तो 10 से पहले ही आ गए
उसावां के रहने वाले रामकिशोर सुबह दस बजे से पहले ही विकास भवन पहुंच गए थे। उन्होंने बताया कि पिछले काफी समय से उनकी वृद्धावस्था पेंशन नहीं आ रही है। साहब बैठे ही नहीं, इस वजह से परेशानी हुई। उझानी की संतोषा देवी की भी विधवा पेंशन नहीं आ रही थी। इसको लेकर विकास भवन आई थीं, लेकिन अधिकारी नहीं मिला। इसके अलावा, दातागंज के मायाराम, मनोहर, सुखवीर सीडीओ से मिलने के लिए पहुंचे। काफी देर इंतजार करने के बाद में किसी ने उन्हें बताया कि वह जिले से बाहर है। ऐसे में उन लोगों का लौटना पड़ा।
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कक्ष खुले पर नहीं थे अधिकारी
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके जौदान अपने कक्ष में नहीं थे। बाद में जब उनसे उनके कक्ष में नहीं होने के बारे में जानकारी ली, तो उन्होंने बताया कि वह विकास भवन में ही थे, पर दूसरे कक्ष में बैठे हुए थे। बाद में अपने कक्ष में पहुंचे गए थे। जिला कृषि अधिकारी डीके सिंह ने बताया कि उपकृषि निदेशक डॉ. रामवीर कटारा का रिटायरमेंट था, ऐसे में उनके कार्यक्रम की तैयारी में लगे हुए थे। इस वजह से आने में थोड़ी देर हो गई। जिला समाज कल्याण अधिकारी रामजनम ने बताया कि विभागीय काम से उच्चाधिकारी के पास गए थे, वैसे सुबह 09:55 पर ही ऑफिस पहुंच गए थे। डीएसटीओ प्रदीप त्यागी को कार्यालय में नहीं मिलने की वजह पूछने को कॉल किया, पर उनको कॉल ही नहीं लगी।
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सीडीओ और पीडी डीआरडीए विभागीय जिले से बाहर गए हुए हैं। बाकी सभी अधिकारी जिले में हैं। जो अधिकारी कक्षों में समय से नहीं मिले हैं, उनसे इसके बारे में जानकारी ली जाएगी कि क्या वजह रही जो समय से वे अपने कक्षों में नहीं थे।
-आरएस यादव, डीडीओ