बदायूं। आंगनबाड़ी केंद्रों को आदर्श बनाने की तैयारी है। इसके लिए इन केंद्रों को अधिकारियों ने गोद लिया है। पहले चरण में 213 केंद्रों का चयन किया गया। यहां पर बिजली, पानी, साफ-सफाई सहित बच्चों के खेलने-कूदने की भी व्यवस्था होगी। साथ ही इनका बेहतर रखरखाव होगा।
जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों को आदर्श बनाया जाएगा। इन केंद्रों पर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिले में 2940 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इन आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को अनौपचारिक शिक्षा भी दी जाती है। इनमें से शुरुआत में 213 का चयन आदर्श बनाने के लिए किया गया है। इसके तहत इन आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों की रंगाई-पुताई कराई जाएगी तो खेलकूद का सामान, पानी, बिजली, साफ-सफाई सहित कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण की भी बेहतर व्यवस्था रहेंगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता स्मार्ट फोन के जरिये बच्चों का पंजीकरण, कुपोषित बच्चों का लेखा-जोखा अपने पास सुरक्षित रखेंगी।
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आंगनबाड़ी केंद्रों को आदर्श बनाया जा रहा है, ऐसे में यहां विभिन्न व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
-आदीश मिश्रा, डीपीओ