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जो बनाए वे पड़े सूने....शहर में बाकी हर जगह बने अवैध स्टैंड

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बरेली रोड पर भामाशाह चौराहा के पास अवैध ऑटो स्टैंड। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। सड़क सुरक्षा के विशेष अभियान के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जगहों पर 48 घंटे के अंदर अवैध वाहन स्टैंड हटाने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी भी डग्गामारी के साथ अवैध टैक्सी, टेंपो और बस स्टैंडों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दे चुके हैं, लेकिन जिले में इन आदेशों का खास असर नहीं दिख रहा। बृहस्पतिवार को भी इन स्टैंड से वाहनों का संचालन होता रहा।
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यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए शहर में मंडी समिति, लालपुल के पास और दातागंज तिराहा पर टेंपो स्टैंड बनाए गए थे, लेकिन दातागंज तिराहा के अलावा अन्य स्टैंड सूने पड़े रहते हैं, वहीं शहर में कई जगह अवैध स्टैंड चल रहे हैं। यहां से जमकर डग्गामारी भी हो रही है। ये अवैध स्टैंड माफिया की उगाही का जरिया है। इनके कारण रोडवेज को भी नुकसान होता है।
एआरएम लक्ष्मण सिंह कई बार डग्गामारी को लेकर अधिकारियों को लिख चुके हैं, लेकिन फिर भी रोडवेज के आसपास डग्गामारी नहीं रुक सकी। वाटर वर्क्स रोड का टैक्सी स्टैंड सालों से ऐसा ही है। आधी सड़क घेरकर चालक अपनी टैक्सी लगा लेते हैं। इसके अलावा आंबेडकर पार्क, पुलिस लाइन, सकरी रोड, पुलिस लाइन चौराहा समेत कई स्थानों पर अवैध स्टैंड चल रहे हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद बृहस्पतिवार को पहले दिन शहर समेत जिले में इसका खास असर नहीं दिखा।
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दिया गया था 30 अप्रैल तक का अल्टीमेटम
अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने 23 अप्रैल को एक आदेश जारी किया था, इसमें डीएम, एसएसपी और परिवहन विभाग के अधिकारियों को डग्गामारी के साथ अवैध टैक्सी, ऑटो और बस स्टैंड बंद कराने के निर्देश दिए थे। आदेश में स्पष्ट था कि 30 अप्रैल तक शासन को डीएम और एसएसपी संयुक्त आख्या दें कि उनके यहां कोई डग्गामारी या अवैध टैक्सी, ऑटो और बस स्टैंड का संचालन नहीं हो रहा है। आदेश के कुुछ दिनों तक तो जिले में पुलिस-प्रशासन और परिवहन विभाग की टीमों ने औपचारिकता के लिए कार्रवाई की, लेकिन फिर सब कुछ पुराने ढर्रे पर आ गया। ऐसे में अब मुख्यमंत्री को सख्त रुख अपनाना पड़ा है।
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जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे डग्गामार, जिम्मेदारों को परवाह नहीं
डग्गामार वाहन जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं दूसरी ओर जिम्मेदारों को कोई परवाह ही नहीं है। रोडवेज बस स्टैंड के पास से ही ऑटो के साथ निजी बसों को भी भरा जा रहा है। डग्गामार ऑटो में ठूंस-ठूंस कर सवारियों को बैठाया जाता है, इसके बाद यह ऑटो जिले में अलग-अलग रूटों पर बेपरवाह तरीके से फर्राटा भरते हैं। इससे न सिर्फ सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है बल्कि इन डग्गामार ऑटो में बैठीं सवारियों के जीवन पर भी संकट रहता है। परिवहन विभाग और पुलिस दोनों डग्गामार वाहनों की मनमानी को रोकने के स्थान पर बढ़ावा देने में लगे हैं।
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रोडवेज बस स्टैंड के आसपास से होने वाली डग्गामारी के कारण डिपो को राजस्व की क्षति होती है। पुलिस अधिकारियों के साथ एआरटीओ को भी कई बार डग्गामारों और रोडवेज स्टैंड के पास चल रहे अवैध वाहन स्टैंडों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जा चुका है।
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-लक्ष्मण सिंह, एआरएम
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