बदायूं। शहर में पालिका ने हाल ही में नालों के ऊपर की स्लैब तोड़कर अतिक्रमण हटवाया था। इसके बाद अधूरे ही काम पर खोदाई कराकर नालों का निर्माण कराया जा रहा है। ऐसे में बरसाती पानी के निकास की समस्या बरकरार रहने का पूरा अंदेशा है।
किसी भी शहर की सुंदरता वहां की सड़कों, चौराहों की साफ-सफाई से होती है। बदायूं शहर के हालात इस मामले में काफी खराब हैं। यहां अधिकतर सड़कों, नालों व फुटपाथ पर प्रभावशाली लोगों ने कब्जा कर लिया है। इसकी वजह से सफाई व्यवस्था भी ठीक से नहीं हो पा रही है। पिछले कुछ दिनों से पालिका की टीम लगातार सुबह जाकर शहर का जायजा ले रही है। जहां पर कमियां मिल रही हैं, उनको सही करने का दावा प्रयास किया जाता है। इसमें भी अब लापरवाही देखने को मिल रही है। स्थिति ये है कि शहर में पालिका की टीम जिस मोहल्ले में नाली, नालों के ऊपर से अतिक्रमण हटाने का काम शुरू करती है, वहां कहीं न कहीं प्रभावशाली लोग आड़े आ जाते हैं और आधा अधूरा अभियान छोड़कर टीम अतिक्रमण हटाने दूसरी जगह चली जाती है।
यही नहीं पालिका की ओर से जहां भी नाले-नालियों से अतिक्रमण हटाया गया, वहां पर आधे-अधूरे निर्माण व खोदाई कराकर नाले का निर्माण करना शुरू कर दिया गया है। लोगों का कहना है कि इस प्रकार केवल सरकारी धनराशि का दुरुपयोग होगा। इससे बरसात के दिनों में लोगों को किसी तरह का फायदा नहीं होगा।
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सुभाष चौक, सुपर मार्केंट में नहीं चला अभियान
शहर में कुछ चौराहे और बाजार ऐसे हैं, जो पूरी तरह से नाले पर बने हुए हैं। यही नहीं कुछ जगह पर तो अतिक्रमण इस कदर है कि नाले के ऊपर व सड़क का हिस्सा घेरकर पक्की दुकानों को बना लिया गया है। इसकी वजह से वहां पर कोई सफाई नहीं हो पाती है। इसमें चूना मंडी, सुभाष चौक, सुपर मार्केट आदि इलाके शामिल है।
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शहर में सुबह रोजाना भ्रमण कर लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं जान रहे हैं, जहां पर कमियां दिखती हैं, उसके सुधार के लिए तुरंत संबंधित अधिकारी, कर्मचारी को निर्देशित कर समस्या का निस्तारण कराया जाता है। जहां पर जरूरत है, नाले-नालियों का भी काम कराया जा रहा है।
- दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष