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खतरे में मासूम : नामी स्कूल भी कर रहे अनफिट वाहनों का इस्तेमाल

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शहर के एक स्कूल की बस। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। स्कूल वाहन में सवार बच्चे की मोदीनगर में हादसे में मौत के बाद प्रदेश भर में स्कूल वाहनों की फिटनेस को लेकर हल्ला हो रहा है। स्कूल वाहनों की फिटनेस पर सवाल उठ रहे हैं। जिले में स्कूल वाहनों की फिटनेस को लेकर पड़ताल की गई तो पता लगा कि कई नामी स्कूलों के वाहन भी अनफिट हैं। बच्चों को स्कूल लाने और वापस घर छोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले कई वाहनों की फिटनेस 2013-14 में ही खत्म हो चुकी है, लेकिन परिवहन विभाग की साठगांठ से इनका धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है।
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परिवहन विभाग का कहना है कि जिले में कुल 288 स्कूल वाहन रजिस्टर्ड हैं। इनमें 100 वाहन ऐसे हैं जिनकी फिटनेस खत्म हो चुकी है। गौर करने वाली बात यह है कि जब स्कूल वाहन से हादसे में किसी मासूम की जान चली जाती है तो शासन स्तर तक खलबली मचती है, लेकिन कुछ दिन बाद फिर से सब कुछ ठंडे बस्ते में चला जाता है। ऐसा नहीं है कि 2013 से 2022 तक खटारा स्कूल वाहनों के कारण छात्र-छात्राओं की जान न गई हो। ऐसा पहले भी होता रहा है और शोर भी मचता रहा है, लेकिन सिस्टम नहीं सुधरा। शहर के मथुरा रोड स्थित फ्लोरेंस नाइटेंगल स्कूल, ब्लूमिंगडेल स्कूल, बीआरबी मॉडल स्कूल, मदर एथेना स्कूल तो ऐसे हैं जिनके कई स्कूल वाहनों की फिटनेस 2013 से 2015 के बीच खत्म हो चुकी है।
परिवहन विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार डीपॉल, आरके पब्लिक स्कूल मुजरिया, बाबा इंटरनेशनल स्कूल बिल्सी, एपीएम इंटरनेशनल स्कूल उझानी, ग्लोवल हैरीटेज इंटरनेशनल स्कूल ओरछी, गोल्डन एजुकेशनल एकेडमी समेत बड़ी संख्या में ऐसे स्कूल हैं जिनके 100 वाहनों की फिटनेस खत्म हो चुकी है। परिवहन विभाग ने मोदी नगर की घटना के बाद इन स्कूलों को नोटिस जारी किए हैं।
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जिले में 13 स्कूल वाहन काली सूची में
जिले में जिन सौ वाहनों को फिटनेस के लिए परिवहन विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है उनमें 13 वाहन काली सूची में हैं। इन वाहनों के बारे में अधिकारियों को यह भी नहीं पता कि उनका इस्तेमाल हो रहा है या नहीं, मोदी नगर की घटना के बाद एक बार फिर से परिवहन विभाग सक्रिय हो गया है, हालांकि हर बार की तरह इस बार भी कार्रवाई नोटिस तक ही सीमित नजर आ रही है। दरअसल, रजिस्टर्ड स्कूल वाहनों से कहीं ज्यादा ऐसे वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है जो रजिस्टर्ड नहीं हैं।
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जिले में सौ स्कूल वाहनों की फिटनेस नहीं है। ऐसे स्कूल संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। 30 अप्रैल तक सभी को फिटनेस प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए लिखा गया है। ऐसा न करने वाले वाहनों को सीज किया जाएगा। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों को भी सूचित कर दिया गया है।
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-आरबी गुप्ता, एआरटीओ प्रशासन
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