दबतोरी (बदायूं)। बिसौली तहसील क्षेत्र में बरेली व रामपुर समेत चार जिलों की सीमा पर बसे गांव दौलतपुर में आज भी सड़क नहीं है। आंवला-रामनगर मार्ग के बेलगुझिया तक का रास्ता कच्चा है जो आजादी के बाद से आज तक नहीं बन सका। इससे लोगों को परेशानी होती है।
ब्लॉक आसफपुर क्षेत्र में चार जिलों के सीमावर्ती दौलतपुर गांव का मुख्य मार्ग बेलगुझिया रामनगर रोड है। बेलगुझिया से दौलतपुर गांव तक दो किमी तक सड़क ही नहीं है और कच्चा मार्ग गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुका है। बारिश के दिनों में लोग खेत खलिहानों की पगडंडियों के सहारे सफर करते हैं। इसके अलावा वाहन चालक लगभग 15 किमी दूर होकर ललुआनगला रोड से होते हुए व्यौधन मार्ग से रामनगर जाते हैं। इस वजह से गांव का विकास भी प्रभावित है। बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ रहा है तो अक्सर गांव के बेटे बेटियों की शादियां टूट जाती हैं। गांव में कक्षा आठ की पढ़ाई के लिए प्राइमरी व जूनियर हाईस्कूल तो हैं पर रामनगर दिशा से आवागमन का पर्याप्त संसाधन नहीं है। बिसौली दिशा से एक रोड है जिससे दूरी काफी बढ़ जाती है।
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आंबेडकर योजना में दो बार हो चुका चयनित
गांव की आबादी दो हजार है। यहां बड़ी संख्या में अनुसूचित वर्ग के परिवार हैं। इसके चलते वर्ष 2003 से लेकर 2004 तक और वर्ष 2006 से 2007 तक गांव आंबेडकर योजना में चयनित रह चुका है। इस दौरान गांव के अंदर तो स्कूल निर्माण व गली खड़ंजों के काम हुए लेकिन गांव का मुख्य संपर्क मार्ग आज भी कच्चा है।
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प्रसव के लिए 15 किमी दूर जाती हैं महिलाएं
गांव को मुसियानगला मार्ग से होकर आवागमन रहता है लेकिन मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल जाने के लिए बेलगुझिया मार्ग की हालत बदायूं सीमा क्षेत्र तक बदतर है। हालांकि दो किमी बाद जहां से बरेली की सीमा शुरू होती है, वहां सड़क और अरिल नदी का पुल दुरुस्त है। लड़कियां आठवीं के बाद पढ़ाई या तो छोड़ देती हैं या फिर रिश्तेदारी में रहकर पढ़ती हैं। महिलाओं को बैलगाड़ी या निजी वाहन से 15 किमी दूर बिसौली जाना पड़ता है तब प्रसव हो पाता है। गांव के लोग पहले सड़क न बनने पर पोलियो अभियान का भी बहिष्कार कई बार कर चुके हैं। नेता हर चुनाव में आश्वासन देकर चले जाते हैं।
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दौलतपुर से बेलगुझिया संपर्क मार्ग के लिए पूर्व विधायक बिसौली से पक्की सड़क बनवाने का अनुरोध किया था, आश्वासन भी मिला लेकिन आज तक रास्ता कच्चा ही है।
- मुकेश कुमार, प्रधान दौलतपुर
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दौलतपुर गांव की सड़क सीमावर्ती जिलों से मुख्य रूप से जुड़ने वाली रोड है। आजादी से आज तक बदायूं जिले की सीमा में कच्चा रोड गड्ढों में तब्दील है। आसपास गांव के लोग बेटी- बेटों की शादी करने में नखरे दिखाते हैं। लोगों को परेशानी हो रही है।
- सुरेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान
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लोगों ने कहा-परेशानी तो हमारी नियति बन गई
दौलतपुर से बेलगुझिया मार्ग की हालत काफी खस्ता है। बरसात होने पर दो माह तक लोग पगडंडी का सहारा लेकर आवागमन करते हैं। दो किमी तक पूरी तरह कच्चा मार्ग है। लोगों को कच्चा मार्ग होने से परेशानी झेलनी पड़ती है।
- भूरे सिंह कठेरिया, दौलतपुर
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गांव के आसपास पढ़ाई के लिए कॉलेज नहीं होने के चलते मेरी आगे की पढ़ाई पर रोक लग चुकी है। मैंने इंटर की परीक्षा घर से ही तैयारी करके प्राइवेट तौर पर पास कर ली, इसके आगे फिर ब्रेक लग गया।
- सरस्वती
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गांव से आने-जाने का साधन और मार्ग ठीक नहीं होने से लड़कियों की पढ़ाई में बड़ा रोड़ा है। इसके कारण कक्षा 10 उत्तीर्ण होने के बाद आगे की पढ़ाई पर रोक लग गई।
- सपना
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बारिश के दिनों में इस मार्ग से पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। राहगीर पैदल खेतों की पगडंडियों के सहारे से होकर गुजरने को मजबूर होते हैं।
- मुन्नी देवी
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आजादी से आज तक किसी जनप्रतिनिधि ने चुनाव जीतकर इस रोड पर कोई काम नहीं कराया। हर बार केवल कोरा आश्वासन ही मिला है।
- सुशीला देवी
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भाजपा सरकार ने पांच वर्ष तक जनता को केवल जुमले दिए, विकास बिल्कुल नहीं कराया गया। मैं अपने कार्यकाल में इस रोड को जरूर बनवाऊंगा। चार जिलों के सीमा क्षेत्र में लोगों का बड़े पैमाने पर आवागमन लगा रहता है। जल्द इस रोड की कार्रवाई शुरू करा दी जाएगी।
- आशुतोष मौर्य, विधायक बिसौली