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राशन वितरण के लिए भेजे हाथ से सिले गेहूं के कट्टे

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उझानी में ट्रक में भरे हाथ से सिले कट्टे और बिखरा पड़ा गेहूं। संवाद - फोटो : BADAUN
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उझानी (बदायूं)। कोटेदारों तक राशन के वितरण को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने खाद्य विभाग की व्यवस्था की पारदर्शिता को संदेह के दायरे में ला दिया। यहां ट्रक से जो गेहूं के कट्टे भेजे गए वे हाथ से सिले थे। दो-तीन कट्टे खोलकर देखे गए तो उनके अंदर गेहूं में गंदगी और मिट्टी भी थी। कोटेदारों ने न सिर्फ ट्रक को लौटा दिया, बल्कि इस आशय की शिकायत आला अफसरों से भी की।
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यहां बता दें बदायूं गोदाम से ठेकेदार के जरिये कोटेदारों को गेहूं-चावल समेत अन्य खाद्य सामग्री मुहैया कराई जाती है। इसी के तहत नगरीय इलाकों तक भी ट्रकों से गेहूं और चावल पहुंचता है। मंगलवार पूर्वाह्न भी गेहूं और चावल के कट्टों से लदे तीन ट्रक यहां एक धर्मकांटे पर पहुंचे। व्यवस्था के तहत कुछेक कोटेदार भी मौके पर पहुंचे। बताते हैं कि एक कोटेदार की नजर ट्रक में गेहूं के कट्टों पर पड़ी तो वह हैरान रह गया। कट्टे सुतली के जरिये हाथ से सिले थे। यही नहीं ट्रक में कुछ गेहूं भी बिखरा पड़ा था। कोटेदारों ने बताया कि नियमानुसार राशन के अनाज के कट्टे मशीन के जरिये सिले होने चाहिए।
एक कोटेदार ने जिला पूर्ति विभाग के अफसरों को फोन करके इस संबंध में शिकायत की। बताते हैं कि जिला पूर्ति विभाग के अफसरों ने इस संबंध में एफसीआई के अफसरों को जानकारी दी। इसके बाद उक्त ट्रक कोटेदारों ने लौटा दिया। जिन दो ट्रकों में नियमानुसार अनाज लदा था उन्हें अनलोड करा लिया गया।
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पिछले साल स्कूली बच्चों तक पहुंच गई थी गेहूं में कंकरीट
कोरोना काल में स्कूली बच्चों को राशन सामग्री मुहैया कराया गया था। एमजीपी कॉलेज के बच्चे राशन का गेहूं लेने पहुंचे तो उन्हें मिट्टी और कंकरीट मिला गेहूं दे दिया गया। छात्रों ने घर पहुंचकर अपने परिजन से शिकायत की। जिसके बाद उन्हें अगली बार से साफ राशन मुहैया कराया गया।
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उझानी से एक कोटेदार ने हाथ से सिलाई के बाद पैक कट्टों के बारे में शिकायत की थी। इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी को अवगत कराया गया। उनके आदेशानुसार उस ट्रक को वापस करा दिया गया है, जिसमें उक्त कट्टे लदे थे। गोदाम कर्मियों को भी हिदायत दी गई है।
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- नरेंद्र कुमार सिंह, क्षेत्रीय सहायक खाद्य अधिकारी
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