रोडवेज बस स्टैंड पर बस की तलाश में भटकते यात्री। संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। जिले के लोकल रूट पर मंगलवार से यात्रियों की समस्या कुछ कम होंगी। हालांकि, अभी अन्य रूटों पर ज्यादा राहत नहीं मिलेगी। चुनाव ड्यूटी में कासगंज भेजी गईं बदायूं डिपो की 37 अनुबंधित बसों की सोमवार से वापसी शुरू हो गई है। फिलहाल बदायूं डिपो की 56 बसें अब भी अधिगृहीत हैं।
विधानसभा चुनाव के पहले चरण से ही निर्वाचन आयोग ने केंद्रीय बलों और फोर्स को एक जिले से दूसरे जिले में भेजने के लिए परिवहन निगम की बसों का अधिग्रहण शुरू कर दिया था। रविवार को तीसरे चरण के मतदान तक बदायूं डिपो की 37 अनुबंधित समेत 96 बसों का अधिग्रहण कर लिया गया। अनुबंधित 37 बसों को पड़ोसी जिलों एटा और कासगंज भेजा गया था। इस कारण जिले के लोकल रूटों पर भी यात्रियों को काफी समस्या हो रही थी। घंटों बसों का इंतजार करने के साथ डग्गामार का सहारा लेना पड़ रहा था।
कासगंज में रविवार को मतदान संपन्न होने के बाद अनुबंधित 37 बसों की वापसी शुरू हो गई है। बदायूं डिपो की अब भी 56 बसें निर्वाचन आयोग के अधिग्रहण में हैं। 96 में से 37 अनुबंधित बसों की वापसी के बाद बदायूं-बरेली, बदायूं-चंदौसी, बदायूं-कासगंज समेत कई लोकल रूटों पर यात्रियों की समस्या मंगलवार से कुछ कम होगी। एआरएम लक्ष्मण सिंह ने बताया कि मंगलवार तक सभी 37 अनुबंधित बसों की वापसी के साथ इनका संचालन शुरू हो जाएगा।
-
रास्ते में बंद हो रहीं खटारा बसें
बदायूं डिपो की जिन बसों की हालत बेहतर है उनको निर्वाचन आयोग ने अधिग्रहीत कर लिया है। शेष बसों में से 50 बसें दस वर्ष से ज्यादा की उम्र पूरी कर चुकी हैं। इनको बेड़े से हटाने की तैयारी भी है। इन दिनों बसों की कमी के कारण इन खटारा बसों को भी दौड़ाया जा रहा है। कई बार यह खटारा बसें रास्ते में बंद होने से यात्रियों को परेशानी हो रही हैं। संवाद