बदायूं। बरेली से बदायूं होते हुए कासगंज को जाने वाली रेलवे लाइन अब इलेक्ट्रिक लाइन से तब्दील की जा रही है। इस रूट पर इलेक्ट्रिक लाइन से संबंधित सभी काम लगभग पूरे हो चुके हैं। ऐसे में रूट पर ट्रेनों की संख्या पहले की अपेक्षा बढ़ जाने की उम्मीद है। इसके बाद रेलवे क्रॉसिंग पहले की अपेक्षा ज्यादा समय तक बंद रहेंगे और इससे सड़कों पर जाम की समस्या उत्पन्न होगी। इसको देखते हुए रेलवे नौ जगहों पर अंडरपास निर्माण में जुटा है। इसमें से पांच पर काम भी चल रहा है। अधिकारियों का दावा है कि नेकपुर व लोचीनगला समेत पांच जगहों पर मार्च तक अंडरपास बनकर तैयार हो जाएंगे। एक अंडरपास बनाने में तकरीबन सवा दो करोड़ की लागत आएगी।
रेलवे प्रशासन ने बरेली से बदायूं होते हुए इलेक्ट्रिक लाइन बिछा दी है, जिसके बाद यहां पर लंबी दूरी की गाड़ियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद रेलवे जता रहा है। ऐसे में रेलवे प्रशासन ने इस रूट पर पड़ने वाले क्रॉसिंग के पास में अंडरपास बनाने का निर्णय लिया, ताकि जब ट्रेन आए और क्रॉसिंग बंद हो, तो लोगों को खड़ा न होना पड़े। बल्कि अंडरपास के माध्यम से यातायात सुचारु रहे और लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके तहत रेलवे प्रशासन ने कासगंज से बरेली के बीच में अंडरपास बनाने के लिए सर्वे का काम किया। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक बरेली से कासगंज के बीच में जनपद की सीमा में नौ ऐसी जगह हैं, जहां पर अंडरपास की ज्यादा जरूरत है। हालांकि इनमें चार जगह अभी साफ नहीं हैं लेकिन पांच जगहों पर सर्वे पूरा होने के बाद रेलवे के अधिकारियों ने अंडरपास बनाने का काम शुरू कर दिया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार मार्च से पहले काम पूरा कर लिया जाएगा।
यहां बनने हैं पांच अंडरपास
रेलवे के अनुसार जिले की सीमा में एक अंडरपास बुटला रेलवे क्रॉसिंग के पास, दूसरा हरहरपुर गांव के पास और तीसरा बुटला और बितरोई के बीच में बनाया जा रहा है। इसके अलावा दो अंडरपास शहर के अंदर बनाए जाएंगे, जिसमें एक नेकपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास में तथा दूसरा अंडरपास बदायूं-दातागंज रोड को जोड़ने वाले रेलवे क्रॉसिंग (लोचीनगला) के अंदर बनाया जाएगा। इनको बनाने का काम चल रहा है जो इसी वित्तीय वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा।
नहीं करना पड़ेगा इंतजार
अभी तक एसएसपी कार्यालय के पास से होकर गुजर रही नेकपुर रेलवे क्रॉसिंग पर लोगों को फाटक बंद होने पर काफी काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनके वक्त की काफी बर्बादी होती है। नेकपुर क्रॉसिंग के पास अंडरपास बन जाने के बाद यहां से लोग बिना वक्त गंवाए गुजर सकेंगे। साथ ही यहां पर जाम की समस्या भी खत्म हो जाएगी। अंडरपास बनने के बाद यहां से भारी वाहनों का लोड भी कम हो जाएगा। इन वाहनों को ओवरब्रिज से होकर गुजरना होगा।
बरेली से कासगंज के बीच नौ अंडरपास बनने हैं। इस वित्तीय वर्ष में पांच अंडरपास बनाए जाने हैं। तेजी से काम चल रहा है। मार्च 2021 तक काम पूर्ण करना है। संभवत समय से पहले ही इन्हें तैयार कर देंगे। - आरपी चौधरी, सीनियर सेक्शन इंजीनियर (वर्क्स)