दहगवां। यूरिया की किल्लत अब माहौल खराब कर रही है। पिछले सप्ताह बिसौली में किसानों पर लाठी भांजने के बाद अभी किसान नेताओं के तेवर नरम भी नहीं हुए कि बृहस्पतिवार को दहगवां में हंगामा हो गया। लाइन में लगे किसान के गिरकर घायल होने से गलतफहमी का शिकार हुए किसानों ने एक सिपाही को दौड़ा लिया। सिपाही को भागकर जान बचानी पड़ी। भगदड़ और अफरातफरी के बीच दुकानदार भी दुकानें बंद कर भाग गए। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस फोर्स ने किसी तरह हालात को काबू में लिया।
बृहस्पतिवार को कस्बे के मेन बाजार में सुबह से ही यूरिया बिक्री केंद्र पर सैकड़ों किसान लाइन में लगे थे। यहां देवेंद्र नाम के एक सिपाही को भी तैनात किया गया था। दोपहर करीब तीन बजे सहसवान के गांव बस्तुइया करियाबैन का किसान रजनेश पुत्र खूबी लाइन में हो रही धक्का-मुक्की के बीच गिरकर घायल हो गया। उसके सिर में चोट आई। यहां तैनात सिपाही देवेंद्र ने घायल रजनेश को उठाया। इस दौरान पीछे लाइन में लगे कुछ किसानों को गलतफहमी हो गई। उन्होंने सोचा कि सिपाही की पिटाई से रजनेश घायल हो गया है। किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया और सिपाही देवेंद्र को घेर लिया। किसानों का गुस्सा देख सिपाही ने यहां से भागकर खुद को बचाया। वह काफी देर तक एक दुकान में बंद रहा। बाद में पहुंची पुलिस फोर्स ने हालात को काबू में किया। इस दौरान करीब एक घंटे तक माहौल गरम रहा। तमाम दुकानदार भी दुकानें बंद कर भाग गए। वहीं, एसपी देहात सिद्घार्थ वर्मा ने कहा कि किसान लाइन में लगा हुआ था। ज्यादा देर खड़े रहने से उसे चक्कर आ गया और वह गिर गया। किसान ने यही बताया था लेकिन कुछ लोग मारपीट का आरोप लगा रहे थे जबकि किसान को खुद पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया। उसके साथ कोई मारपीट नहीं हुई है।