बदायूं। रविवार को पुलिस लाइंस पहुंची प्रदेश स्तरीय टीम में शामिल महिला अधिकारियों ने मुख्य रूप से तीन तलाक पीड़िताओं की समस्याएं सुनी। उनके मामले में क्या हो रहा है, चार्जशीट दाखिल हुई या नहीं, सबके बारे में जानकारी ली। साथ ही उन्हें आश्वासन दिया कि उन्हें जरूर न्याय मिलेगा, आरोपी जेल जाएंगे।
पीलीभीत की सिटी मजिस्ट्रेट रितु पूनिया और बरेली की सीओ सीमा यादव ने मुख्य रूप से जिले की सभी तीन तलाक पीड़िताओं को रविवार सुबह पुलिस लाइंस बुलाया। बताते हैं कि जिले के अलग-अलग थानों में तीन तलाक के कुल छह मामले दर्ज हैं। महिला अधिकारियों ने सभी छह महिलाओं को बुलाया था लेकिन किसी कारणवश तीन पीड़िताएं पुलिस लाइंस नहीं पहुंची। सहसवान कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भवानीपुर निवासी जायरा ने बताया कि उसके पति का नाम मिस्टर है। उसके एक बच्ची भी है लेकिन पति ने तीन तलाक दे दिया है। इससे उसे अपने मायके वालों के सहारे जीवन गुजारना पड़ रहा है तो वहीं फैजगंज निवासी सुरमिला पत्नी मुनव्वर ने बताया कि उसका पति रोजाना मारपीट करता था। विरोध करने पर तीन तलाक देकर भाग गया। इस मामले में उसकी रिपोर्ट दर्ज है। इधर, महिला अधिकारियों ने तीन तलाक पीड़िता कुलसमा निवासी ककराला के मामले की जानकारी ली। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि आज के दौर में भी महिलाओं का सम्मान नहीं किया जा रहा है। जबकि महिला के अभाव में परिवार की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि तीन बार तलाक कहना क्राइम है। महिलाओं के अधिकारों को गंभीरता से लिया गया है। उन्हें अपना हक जरूर मिलेगा। इस दौरान उन्होंने एक पति-पत्नी के विवाद को भी सुलझाया। उन्हें एक साथ रहने की सलाह दी।