बदायूं। शासन के निर्देश के बाद भी जिला स्तरीय अधिकारियों की लापरवाही से छुट्टा गोवंश के सड़कों पर घूमने का सिलसिला थम नहीं रहा है। यह गोवंश लोगों के लिए खतरा भी बने हुए हैं, साथ ही कूूड़ा कचरा और पॉलिथीन खाकर अपनी जान के भी दुश्मन बन रहे हैं। पिछले दिनों डीएम ने नगर निकायों के अधिकारियों की बैठक में साफ निर्देश दिए थे कि जिस नगर पालिका या नगर पंचायत में छुट्टा गोवंश घूमते पाए जाएंगे वहां के ईओ को निलंबित कर दिया जाएगा, लेकिन न तो गोवंश के छुट्टा घूमने पर अंकुश लग सका और न ही कोई ईओ निलंबित किया गया। यही वजह है कि शहर की सड़कों पर कई गोवंशीय पशु आवारा घूमते देखे जा सकते हैं, लेकिन पालिका प्रशासन खामोश बैठा है।
प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही गोवंश की सुरक्षा को लेकर काफी प्रयास किए जा रहे हैं। उनके निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों में स्थायी व अस्थायी गोशाला बनाए जाने के निर्देेश दिए गए। जिसके बाद में जिले में 699 अस्थायी गोशालाएं बनाई गईं, लेकिन कुछ गोशालाओं में पशुुओं की संख्या 10 से कम होने के चलते छुट्टा पशुओं को दूूसरे गांव की अस्थायी गोशाला में पहुंचा दिया गया और गोशाला खाली होने पर उनको बंद कर दिया। ऐसे में जिले में 329 अस्थायी गोशालाएं संचालित रह गई हैं। जिनमें वर्तमान में 6247 गोवंशीय पशु रह रहे हैं। इन सबके बावजूद शहर समेत कई जगह ऐसी हैं, जहां पर आज भी छुट्टा पशु सड़क पर घूम रहे हैं। कभी-कभी कुछ हिंसक प्रवृत्ति के गोवंश लोगों पर हमला करके उन्हें घायल कर देते हैं। लोगों ने इसकी शिकायत डीएम से की। इसके बाद में डीएम ने ईओ, प्रधान, सचिवों को निर्देशित किया कि वे अपने यहां सड़क पर छुट्टा घूमने वाले गोवंश को पकड़कर अस्थायी गोशाला में बंद करें। डीएम ने यहां तक कहा था कि नगर पालिका, नगर पंचायत में अगर सड़कों पर घूमते आवारा पशु अस्थायी या स्थायी गोशाला में नहीं पहुंचे तो संबंधित ईओ को निलंबित कर दिया जाएगा। इसके बावजूद शहर की सड़कों पर आवारा गोवंश दिखाई देना बंद नहीं हो रहे हैं और न ही इस मामले में अब तक किसी ईओ पर कार्रवाई ही की गई है।
प्रधान, सचिव ने की गोवंश पकड़वाने की मांग
ब्लाक दहगवां के गांव नाधा की प्रधान शशिबाला और ग्राम पंचायत अधिकारी नवीन कुमार ने बीडीओ से छुट्टा घूम रहे गोवंश को पकड़वाने की मांग की है। कहा है छुट्टा गोवंश आए दिन लोगों पर हमला कर लोगों को घायल कर रहे हैं। छुट्टा गोवंश के हमले में पिछले दिन एक अधेड़ की मौत भी हो चुकी है। रविवार शाम को छुट्टा गोवंश ने दो लोगों पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
199 गायों को दिया सुपुर्दगी में
अस्थायी व स्थायी गोशालाओं में छुट्टा गायों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शासन ने गायों को गांव के लोगों की सुपुर्दगी में देने की बात कही है। साथ ही कहा है कि जो गोवंश अपने पास रखेगा, उसको 30 रुपये प्रतिदिन प्रति गोवंश के हिसाब से सरकार भरण-पोषण के लिए देगी। एक व्यक्ति चार गोवंश तक ही अपने पास रख सकता है। शासन के निर्देश के बाद अब तक 199 गायों को लोगों ने अपनी सुपुर्दगी में लिया हैं।
हजरतपुर में नहीं है कोई गोशाला
हजरतपुर में कोई गोशाला न होने के कारण किसानों को काफी समस्या हो रही है। रात दिन खेतों की रखवाली करतेे किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि जहां पूरे जिले में स्थायी और अस्थायी गोशालाएं खोलकर आवारा पशुओं को उनमें रखा जा रहा है, वहीं हजरतपुर में एक भी गोशाला नहीं खोली गई है। आवारा पशु उनके खेतों में घुसकर फसलों को उजाड़ रहे हैं। जिसकी शिकायत कई बार की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने डीएम से इस ओर ध्यान दिए जाने की मांग की है।
लगातार अभियान चलाया जा रहा है। छुट्टा गोवंशीय पशुओं को पकड़कर अस्थायी व स्थायी गोशालाओं में रखा जा रहा है। जहां पर किसी स्तर पर कमी नजर आ रही है, उन अधिकारियों को हिदायत दी जा रही है, ताकि वे अपने काम में सुधार कर लें और सड़कों पर कोई भी आवारा गोवंश नहीं दिखाई दे।
-निशा अनंत, प्रभारी डीएम